गुरु गोरखनाथ धाम में सतयुग से जल रही अखंड धूनी, ट्रेक रूट से पहुंच होगी आसान

उत्तराखंड में एक धाम ऐसा भी जहां सतयुग से धूनी जलती आ रही है। श्रद्धालुओं की अपार आस्था का केंद्र गुरु गोरखनाथ धाम से जाना जाता है। चंपावत जिला मुख्यालय से 40 किमी दूर तल्लादेश के मंच स्थित गुरु गोरखनाथ धाम में उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम की ओर से 271.39 लाख की […]

Continue Reading

चंपावत में होगी कश्मीर में उत्पादित होने वाली चेरी की खेती, नर्सरी में तैयार होंगे पौध

कभी कश्मीर की शीतल जलवायु में होने वाली चेरी को चंपावत में उगाने की तैयारी है। उद्यान विभाग ने मुड़ियानी स्थित राजकीय उद्यान नर्सरी में ट्रायल के तौर पर चेरी के 50 मदर प्लांट लगाए हैं। इसके लिए अल्मोड़ा के चौखुटिया से पौधे लाए गए हैं। चौखुटिया में तीन-चार वर्ष पहले से चेरी उगाने पर […]

Continue Reading

चंद राजा के समय शुरू हुई चंपावत में रामलीला, कैरोसीन नहीं मिलने से जब नहीं हो पाया मंचन

दैवीय शक्ति प्राप्त श्रीराम जो चाहते थे उन्हें एक पल में प्राप्त कर सकते थे। आम व्यक्ति के साथी जी श्रीराम स्वयं जिस रास्ते पर चलते हैं उसे लोग आदर्श मानते हैं। अपनी सेना को आधिकारिक तौर पर नियुक्त किया गया। केवट और शबरी के गले को लगा हेलो की सीख दी। 14 वर्ष वन […]

Continue Reading

जिम कार्बेट की यादों का ट्रेक रूट: हमारे साथ देखें 436 लोगों की हत्यारिन बाघिन कहां हुई थी ढेर, और भी रहस्य

अंग्रेज शिकारी, प्रकृति प्रेमी व वन्य जीव संरक्षक जिम कार्बेट ने अपने जीवन के 31 वर्ष चंपावत के जंगलों की खाक छानते हुए बिताए थे। नरभक्षी बाघ और गुलदार का शिकार करने के लिए कार्बेट ने चूका, चंपावत, तल्लादेश, पंचेश्वर से लेकर लधिया घाटी तक पैदल सफर किया। कार्बेट जहां से गुजरे उसे छह कार्बेट ट्रेल के रूप में विकसित किया जा रहा है। चंपावत वन विभाग ने ट्रेल के सहारे पर्यटन व स्वरोजगार को गति देने की योजना बनाई है। इस दिशा में […]

Continue Reading

हल्द्वानी में बने विद्युत आधारित पशु शवदाह गृह: डा. मिश्र

बदलते समय के साथ विद्युत शवदाह गृह का चलन बढ़ रहा है। छोटे शहरों में विद्युत शवदाह गृह में अंत्येष्टि करने को लेकर लोगों में संकोच हो, लेकिन कई बड़े शहरों में इसका उपयोग होता आ रहा है। कुमाऊं के सबसे बड़े शहर हल्द्वानी में पशुओं के लिए विद्युत शवदाह गृह की मांग उठने लगी […]

Continue Reading

उत्तराखंड का पारंपरिक व्यंजन चुड़कानी, भात के साथ बनता है अद्भुत मेल

उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजन की बात करें तो भट की चुड़कानी को कैसे भूला जा सकता है। इसे उत्तराखंड में सर्वाधिक लोकप्रिय व्यंजन कहा जाए तो गलत नहीं होगा। पारंपरिक रूप से उगने वाले भट को रसायनों से मुक्त व जैविक गुणों से भरपूर माना जाता है। चुड़कानी पौष्टिक होने के साथ जल्दी से तैयार […]

Continue Reading

गहत की दाल का जायका लाजवाब, सर्दी में सेवन पौष्टिकता के साथ देगा गर्माहट

उत्तराखंडी खानपान में गहत की दाल प्रमुखता से शामिल है। शायद ही कोई परिवार होगा जहां गहत की दाल न बनती हो। गहत की दाल बड़ी गुणकारी होती है। इसे हर पहाड़ी के अलावा आयुर्वेद और खानपान विशेषज्ञ भी बताते हैं। गहत का पानी पीने से पथरी तक कट जाती है। पुराने लोग बताते थे […]

Continue Reading

धार्मिक व ऐतिहासिक स्थल कुमाऊं, रोमांच भरती यात्रा

अगर आप ट्रैकिंग के शौकीन हैं। हिमालय को नजदीक से देखना और समझना चाहते हैं। धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों के बारे में आपकी रुचि है तो आप उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल का भ्रमण करने की योजना बना सकते हैं।

Continue Reading

ब्रज से हाेते हुए उत्तराखंड पहुंची रामलीला, अद्भुत है गीत-नाट्य शैली

रामलीला देखने का शौक बच्चों से लेकर बड़ों तक होता है। उत्तराखंड के कुमाऊं अंचल में रामलीला का मंचन होता है। रामलीला के शास्त्रीय पक्ष के बारे में कम ही लोग जानते हैं।

Continue Reading

जंगली जानवरों से खेती बचाएगा कैमोमाइल: डा रजनी

उत्तराखंड में जंगली जानवरों के आतंक से हर कोई परेशान है। कहीं बंदर और लंगूर परेशानी बनते हैं तो कहीं सूअर खेती को चौपट कर रहे हैं। ऐसे में कुछ छोटे-छोटे उपाय से खेती को बचाया जा सकता है। इस विषय पर बता रही हैं उद्यान विशेषज्ञ डॉक्टर रजनी।

Continue Reading

उत्तराखंड में होने वाले पिनालू में छिपे हैं कई गुण, अक्टूबर से फरवरी तक हर घर में मिलेगी सब्जी

उत्तराखंड में खानपान की समृद्ध परंपरा रही है यहां कुछ विशेष पकवान बनते हैं तो कुछ खाद्य पदार्थों को अगल अंदाज ने बनाया जाता है।

Continue Reading