विशेष सत्र न्यायाधीश ने 1.200 किलो चरस तस्करी के आरोपित को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया है। अभियोजन पक्ष प्रकरण को युक्तियुक्त संदेह से परे भी साबित नहीं कर पाया। जिसका लाभ अभियुक्त को मिला। कोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न उठाया।
अभियोजन के अनुसार लोहाघाट थाना पुलिस ने मार्च 2019 में मायावती आश्रम जाने वाले रास्ते पर बलाई पुल के पास चेकिंग के दौरान अभियुक्त 40 वर्षीय नवीन ढेक से चरस बरामद की थी। एनडीपीएस एक्ट में प्राथमिकी होने के बाद मामला विशेष सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में चला। रुद्रपुर स्थित प्रयोगशाला में जांच के बाद अभियुक्त से बरामद माल के चरस होने की पुष्टि हुई। अभियोजन पक्ष ने आरोप सिद्ध करने के लिए चार साक्षी व 19 प्रपत्र प्रस्तुत किए। वादी एसआइ मनीष खत्री ने चरस बरामद करते समय अपने मोबाइल से फोटो खींचने का बयान दिया। विवेचक निरीक्षक धीरेंद्र कुमार ने भी वादी मनीष खत्री के बयान के आधार पर फोटो खींचने की पुष्टि की, लेकिन पुलिस ने कोर्ट की पत्रावली में फोटोग्राफ नहीं दिया। कोर्ट के पूछने पर वादी ने फोटोग्राफ प्रस्तुत न करने का कोई स्पष्टीकरण भी नहीं दिया। जिसे कोर्ट ने पुलिस की कहानी में झोल करार देते हुए संदेह का लाभ देकर नवीन ढेक को दोषमुक्त कर दिया। अभियुक्त पूर्व में एक माह बंदीगृह में रहा है। अभियोजन पक्ष की ओर से विद्याधर जोशी व अभियुक्त की ओर से एससी जोशी ने पैरवी की।





