उत्तराखंड में होने वाले पिनालू में छिपे हैं कई गुण, अक्टूबर से फरवरी तक हर घर में मिलेगी सब्जी

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उत्तराखंड में बहुतायत से होने वाली अरबी यानी पिनालू और उसी से मिलती जुलती गडेरी को कौन नहीं जानता। अरबी आपको शहरों व महानगरों में भी मिल जाती है, लेकिन अरबी का बड़ा स्वरूप गडेरी उत्तराखंड में ही मिलती है। जिसे यहां बड़े चाव से खाया जाता है। अरबी को देश के विभिन्न हिस्सों में घुइयां, अरुई, कोचई जैसे नामों से जाना जाता है। अरबी का अंग्रेजी नाम ग्रेटलीव्ड कैलेडियम कहते हैं। वैज्ञानिक नाम कोलोकेशिया ऐस्क्युलेन्टा (Colocasia esculenta) है। उत्तराखंड के पिनालू, गडेरी की बाजार में काफी मांग रहती है।

पत्ते, तने से लेकर कंद का उपयोग
पिनालू और गडेरी की फसल बरसात के बाद खुदने को तैयार हो जाती है। अक्टूबर से फरवरी मार्च तक आसानी से मिल जाती है। आमतौर पर इसे जाड़ों में ही खाया जाता है। अरबी के पौधे की जड़ यानी कंद, तने और पत्तियों तीनों का उपयोग सब्जी बनाने के उपयोग होता है। कंद को कई तरह से खाया जाता है। भाप में उबालकर अपनी पसंदीदा फ्लेवर के नमक के साथ उबले पिनालू खाने का अलग ही आनंद है। पिनालू के तने की आलू, मूली मिलाकर सब्जी बनती है। पिनालू के नौल यानी पत्तों को सुखाकर रख लिया जाय तो बाद में भी उपयोग में लाया जा सकता है।

आयुर्वेद में बताए गए हैं कई फायदें
पिनालू की सब्जी पौष्टिकता से भरपूर है। आयुर्वेद में भी इसके कई तरह के फायदे बताए गए हैं। पिनालू के पत्तों को पीसकर तैयार लेप को ट्यूमर में फायदेमंद बताया जाता है। यह लेप त्वचा के सूखेपन को दूर करता है। पिनालू भूख खोलता है। पिनालू के पत्तों का रस पित्त दोष दूर करने में कारगर है। पेशाब की जलन मिटाता है। पिनालू को वैसे तो ठंडा बताया जाता है, लेकिन भांग डालकर बनी सब्जी इसकी तासीर बदल देती है। पिनालू को ज्यादा खाना एसिडिटी और कफ रोग में वृद्धि कर सकता है।

जैसी जरूरत वैसे तैयार कीजिए
पिनालू के गुटके तैयार होते हैं। इसे आलू के गुटके की तरह बनाया जा सकता है। पिनालू की सब्जी बनानी हो तो पिनालू के बाहर का छिलका चाकू की मदद से खुरचकर साफ कर लिया जाता है। काटने के बाद धोया जाता है। पहले धाेने पर यह फिललनयुक्त हो जाता है। जिससे पिनालू को काटने में परेशानी हो सकती है। उबालकर भी छिला जा सकता है। हालांकि दोनों विधि से सब्जी बनाने से लेकर उसके स्वाद में भिन्नता आ जाती है। तेल गर्म करके हींग, मेथी का छोंका लगाकर सभी मसाले मिलाकर पिनालू के कटे टुकड़े भून लें। कुछ लोग प्याज भी डालते हैं। पिलानू में भांग, दही, छांछ आदि मिलाकर खाया जा सकता है। बिना कुछ मिलाकर भुनकर तैयार की गई सब्जी भी स्वादिष्ट होती है।

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