धार्मिक व ऐतिहासिक स्थल कुमाऊं, रोमांच भरती यात्रा

पर्यटन/विकास

हरियाली, शीतल जलवायु और ऊंचे शिखर वाले उत्तराखंड में कई धार्मिक व ऐतिहासिक महत्व के पौराणिक स्थल हैं। कुमाऊं मंडल में कई ऐसे स्थल हैं जहां घूमना लोगों की पसंद रहती है। प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों, घने जंगलों, ग्लेशियरों और बर्फ से ढंकी चोटियों के लिए जाना जाता है। कुमाऊं मंडल का मुख्यालय नैनीताल में है। नैनीताल को झीलों की नगरी के रूप में जाना जाता है। 1839 में अंग्रेज व्यापारी पी. बैरन ने नैनी झील की खोज की थी। यहां साल भर पर्यटकों का आना लगा रहता है। जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, नैनीताल झील, हनुमानगढ़ी, केव्स गार्डन, राज भवन, घोड़ाखाल मंदिर, रामगढ़, मुक्तेश्वर, सात ताल, नौकुचिया ताल आदि प्रमुख पर्यटक स्थल हैं। यहां आने के लिए नजदीकी रेलवे स्टेशन काठगोदाम है। पर्यटकों के ठहरने के लिए सभी सुविधाओं से सुसज्जित होटल और रिजोर्ट उपलब्ध है।

धार्मिक व पर्यटक जिला पिथौरागढ़

चीन व नेपाल सीमा से लगा पिथौरागढ़ जिले का प्राचीन नाम सोर घाटी है। मध्य और उच्च हिमालयी क्षेत्र के तहत आने वाले पिथौरागढ़ को मिनी कश्मीर भी कहते सुना जाता है। इसकी प्राकृतिक खूबसूरती देखते ही बनती है। पिथौरागढ़ फोर्ट, पाताल भुवनेश्वर, घाट, कामाक्षा मंदिर, ध्वज मंदिर, मिलम ग्लेशियर, थल केदार, धारचूला, मुनस्यारी, बेरीनाग आदि यहां के प्रमुख पर्यटक स्थल हैं। हल्द्वानी या टनकपुर के रास्ते यहां आया जा सकता है। वर्तमान में यहां लिए हल्द्वानी से हेली सेवा भी उपलब्ध है।

धार्मिक व सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा

इतिहासकारों के अनुसार 1563 में चंदवंश के राजा कल्याणचंद ने आलमनगर के नाम से अल्मोड़ा की स्थापना की। स्वतंत्रता की लड़ाई से लेकर शिक्षा, कला एवं संस्कृति के विकास में अल्मोड़ा का विशेष स्थान रहा है। कुमाऊंनी संस्कृति की छाप अल्मोड़ा में मिलती है। अल्मोड़ा को सांस्कृतिक नगरी भी कहा जाता है। पहाडों की रानी के नाम से चर्चित रानीखेत, चितई मंदिर, जागेश्वर धाम, कसार देवी, सोमेश्वर घाटी, द्वाराहाट, मानिला, जागेश्वर धाम, बिनसर महादेव, चौबटिया गार्डन, स्याही देवी, चौखुटिया, डोल आश्रम, बिनसर जंगल, कटारमल सूर्य मंदिर यहां के प्रमुख देखे जाने लायक स्थल हैं।

हिमालय के नजदीक बसा बागेश्वर

सरयू व गोमती के तट पर स्थित बागेश्वर हिमालय के नजदीक है। धार्मिक गाथाओं, पर्व आयोजनों व आकर्षक प्राकृतिक दृश्यों के कारण प्रसिद्ध है। यहां के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में कौसानी हिल स्टेशन, चाय बागान, पिंडारी ग्लेशियर, बागनाथ मंदिर, बैजनाथ, चंडिका मंदिर, स्रीहरु मंदिर, गौरी उडियार, कपकोट, गरुड़ और कांडा आदि शामिल हैं। काठगोदाम से अल्मोड़ा होते हुए बागेश्वर पहुंचा जा सकता है। अगर आप पिथौरागढ़ घूमने आते हैं तो वहां से भी बागेश्वर आ सकते हैं।

ऐतिहासिक नगरी चंपावत

ऐतिहासिक नगर चंपावत उत्तराखंड का सीमांत जिला है। यह जिला अपने आकर्षक मंदिरों और खूबसूरत वास्तुशिल्प के लिए जाना जाता है। ऊँचे-नीचे पहाड़ों के बीच से होकर बहती नदियां अद्भुत छटा बिखेरती हैं। यहां पर्यटकों को सब कुछ मिलता है जो एक पर्वतीय स्थान से वो चाहते हैं। वन्यजीवों से लेकर हरे-भरे मैदानों तक और ट्रैकिंग की सुविधा सब कुछ यहां पर है। चंद शासकों के किले के अवशेष आज भी देखे जा सकते हैं। बालेश्रवर मंदिर, गुरु गोरखनाथ धाम, नागनाथ मंदिर, रीठा साहिब, पूर्णागिरि मंदिर, पंचेश्वर, देवीधुरा वाराही धाम, लोहाघाट, एबट माउंट, क्रांतेश्वर महादेव मंदिर, एक हथिया नौला, पाताल रुद्रेश्वर आदि यहां के प्रमुख पर्यटक स्थल हैं।

औद्योगिक नगदी ऊधमसिंह नगर

ऊधम सिंह नगर मैदानी जिला है। नानकमत्ता यहां का प्रसिद्ध तीर्थस्थल है। गुरु नानक देव ने अपने पवित्र चरणों से इस स्थल को पवित्र किया था। तब से स्थल सिख समुदाय के लोगों के लिए एक तीर्थस्थल माना जाता है। पूरे भारत से यहां सिख अनुयायी यहां का दिव्य स्पर्श पाने के लिए आते हैं। धार्मिक महत्व के अलावा यह स्थान बांध के लिए भी जाना जाता है। नौकायन और मछली पकड़ना आदि गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं। रुद्रपुर व काशीपुुर औद्योगिक नगरी के रूप में पहचान कायम किए हुए हैं।

Tagged

Review Overview

Awesome Content about sports
Summary
4