खाताधारकों के साथ धोखाधड़ी करने वाली महिला पोस्टमास्टर और उसके एजेंट पति को न्यायालय ने दोषी करार दिया है। दोनों ने स्थानीय खाताधारकों के एफडी, आरडी, पीएलआइ जैसी योजनाओं में धनराशि में धोखाधड़ी की। न्यायिक मजिस्ट्रेट रजनीश मोहन की कोर्ट ने पत्नी को तीन वर्ष और पति को दो वर्ष के कठोर कारावास के साथ 16 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन के अनुसार 28 जुलाई 2022 को राकेश सिंह ने थाना गंगोलीहाट में तहरीर देते हुए बताया कि गायत्री देवी दशौनी पाताल भुवनेश्वर डाकघर में पोस्टमास्टर थी। उन्होंने स्थानीय खाताधारकों से आरडी, एफडी और पीएलआइ जैसी योजनाओं में धन जमा कराया था। योजनाओं की समयावधि पूर्ण होने के बाद भी खाताधारकों को धनराशि वापस नहीं लौटाई। जांच में पता चला कि पोस्टमास्टर गायत्री देवी ने खाताधारकों की आरडी व एफडी की राशि हेड आफिस में जमा नहीं की। पीएलआइ की पूर्ण धनराशि हेड पोस्ट आफिस में जमा ही नहीं की। महिला का पति कल्याण सिंह दशौनी आरडी एजेंट का कार्य करता था।
पिछले साल दाखिल हुई चार्जशीट
जांच के बाद पुलिस ने पोस्टमास्टर के विरुद्ध गबन व धोखाधड़ी की प्राथमिकी पंजीकृत की। 19 दिसंबर 2023 को गायत्री देवी और कल्याण सिंह के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई। अभियोजन अधिकारी शोभित कुमार ने पैरवी करते हुए गवाह परीक्षित कराए। शुक्रवार को कोर्ट ने दोनों को सजा सुनाई।




