व्यापारी से उधार लेकर नहीं लौटाना अभियुक्त को भारी पड़ गया। न्यायालय ने अभियुक्त को 1.52 लाख रुपये मूलधन की जगह दो लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। बैंक में धनराशि न होने के बावजूद चेक देने के लिए छह माह की जेल भी भोगनी होगी। चंपावत नगर निवासी व्यवसायी मनोज जुकरिया ने जनवरी 2023 में वाद दायर करते हुए कहा था कि पिथौरागढ़ जिले के ग्राम रड़िया, पोस्ट गंगोली निवासी पंकज कुमार ने उससे 1,52,509 रुपये उधार लिए। लौटाने के नाम पर आनाकानी करना रहा। बाद में अभियुक्त ने बैंक का एक चेक दिया जा बाउंस हाे गया। बाद में कानूनी नोटिस देने के बाद भी अभियुक्त ने धनराशि नहीं लौटाई। मामले में चंपावत कोतवाली में अभियोग पंजीकृत हुआ। न्यायिक मजिस्ट्रेट जहां आरा अंसारी की कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त को परक्राम्य लिखित अधिनियम 1881 का दोषी पाते हुए निर्णय सुनाया। अर्थदंड की रूप में मिलने वाली 1.90 लाख रुपये वादी को दिए जाएंगे, जबकि शेष 10 हजार रुपये राजकीय कोष में जमा होंगे। अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता आरएस रंसवाल ने पैरवी की।





