त्रिस्तरीय पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है। प्रदेश की 10 हजार से अधिक ग्राम और क्षेत्र पंचायतों में इसी महीने प्रशासक बैठेंगे। जिला पंचायतों में भी दो दिसंबर तक प्रशासक नियुक्त होने जा रहे हैं।उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत संगठन हरिद्वार को छोड़कर अन्य 12 जिलों में त्रिस्तरीय जिला पंचायतों में पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलनरत है। लेकिन इनकी संभावना नहीं है।
कार्यकाल बढ़ाने में तकनीकी पेंच
पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि कोविड में बैठकें नहीं हो सकीं। इसलिए कार्यकाल बढ़ाया जाए। सीएम पुष्कर धामी ने भी सचिव पंचायतीराज से रिपोर्ट तलब की थी, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि पंचायतों का कार्यकाल नहीं बढ़ाया जा सकता।
सात हजार से अधिक ग्राम पंचायत
सात हजार से अधिक ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 27 नवंबर जबकि क्षेत्र पंचायत प्रमुखों का कार्यकाल 29 नवंबर व जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल एक दिसंबर को समाप्त हो रहा है। राज्य में तीन हजार से अधिक क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। अमर उजाला में बिशन सिंह बोरा लिखते हैं, जिनका कार्यकाल समाप्त होते ही प्रशासकों का बैठना तय है। प्रशासक कौन होंगे, यह राज्य सरकार तय करेगी।





