बदले मौसम के बीच हिमस्खलन की खबर आ रही है। चमोली जिले के बदरीनाथ धाम के पास माणा गांव में हिमस्खलन के कारण 57 मजदूरों के दबने की सूचना है। सभी मजदूर बीआरओ के तहत अनुबंध के तहत कार्य कर रहे थे। 16 मजदूरों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। बाकी 41 मजदूरों का पता नहीं चल पा रहा है। मजदूरों को निकलने के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
हिमस्खलन बदरीनाथ मंदिर से तीन किमी दूर हाईवे पर हुआ है। सड़क निर्माण कार्य के लिए मजदूरों को लगाया गया था। मौसम विभाग ने भारी वर्षा और हिमपात का अलर्ट जारी किया था।
भारत-चीन सीमा पर स्थित माणा गांव में सेना का बेस कैंप भी है। इसलिए, सेना की इमरजेंसी टीमों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया है। साथ ही, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को भी घटनास्थल पर भेजा गया है। हिमस्खलन के कारणों की जांच की जा रही है। सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार चमोली के ऊपरी इलाकों में कई दिनों से भारी बर्फबारी हो रही थी, जिसके चलते यह आपदा आई। आईटीबीपी के अधिकारी राजकुमार नेगी ने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान अचानक बर्फ का एक बड़ा हिस्सा टूट कर गिरा, जिस कारण हादसा हुआ। जोशीमठ से घटनास्थल की दूरी 45 किमी है। मौसम विभाग ने चमोली जिले में भारी बारिश व बर्फबारी का अलर्ट जारी किया था। कार्यदायी संस्था ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।





