पहाड़ की पीड़ा: घास काटने गई महिला का तीसरे दिन नदी से शव बरामद, परिवार पर दुखों का पहाड़

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दूर से आकर्षित करने वाले पहाड़ों का जीवन संघर्ष भरा व कष्टप्रद है यहां आए दिन जंगली जानवरों के हमले में जान गंवाने या घास काटने के दौरान पहाड़ी से गिरने और नदी में समाने से मृत्यु होने के मामले सामने आते रहे हैं। फिर ऐसा ही एक मामला चंपावत जिले में सामने आया है। चार दिन पूर्व घास काटने के लिए जंगल गई महिला पांव फिसलने से काली नदी में गिरी गई थी। नेपाल सीमा से लगे तामली के बचकोट गांव की महिला का चार दिन बाद नदी किनारे शव उतराता मिला है।
बचकोट निवासी 38 वर्षीय आशा देवी पत्नी खिलानंद जोशी 23 फरवरी को घास काटने के लिए जंगल गई थी। पांव फिसलने से वह काली नदी में गिर गई। तब से स्वजन महिला की तलाश कर रहे थे। मंगलवार को महिला का शव चूका नदी के किनारे मिला था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के बाद बुधवार को परिवारजनों को सौंप दिया। एसआइ हिमानी गहतोड़ी ने बताया कि मंगलवार देर शाम चूका से सटे ज्वालाघाट के पास काली नदी में महिला का शव बरामद हुआ। शव को कब्जे में लेकर उप जिला अस्पताल टनकपुर में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव स्वजन को सौंप दिया। ग्रामीणों ने बताया कि मृतक आशा देवी 23 फरवरी को घर से गढ़मुक्तेशर के जंगल में घास काटने के लिए निकली थी। मृतका के पति खिलानंद जोशी पुरोहित हैं। परिवार में पुत्र कपिल जोशी और पुत्री प्रिया जोशी हैं।

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