नगर निकाय चुनाव के लिए प्रत्याशी घर घर जाकर प्रचार में जुट गए हैं। भाजपा और कांग्रेस के घोषित प्रत्याशी के साथ ही निर्दलीय उम्मीदवार भी लोगों के बीच जाकर अपने पक्ष में वोट करने की अपील कर रहे हैं। समर्थकों के साथ जनता के बीच जाकर वोट मांगने की फोटो सोशल मीडिया और न्यूज पोर्टलों में काफी वायरल हो रहे हैं। जहां अधिकतर प्रत्याशी प्रचार का खूब ढोल पीट रहे हैं, कुछ प्रत्याशी ऐसे भी हैं जो बिना शोर के जनता के बीच जाकर अपने पक्ष में वोट करने की अपील कर रहे हैं।
चंपावत नगर पालिका से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरीं ममता वर्मा ने अपने प्रचार के लिए रणनीति बदली है। वह समर्थकों की भीड़ के बजाय अकेले ही वोटरों के घरों में जाकर प्रचार कर रही हैं। ममता के पति निवर्तमान पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा जनता से मिल रहे हैं। अपने कार्यकाल में किए विकास कार्यों को गिनाने के साथ निकट भविष्य के लिए प्रस्तावित बड़े कामों को भी गिना रहे हैं।
टिकट कटने पर निर्दलीय मैदान में उतरीं
निवर्तमान पालिका अध्यक्ष विजय वर्मा इस बार मजबूत प्रत्याशी के तौर पर देखे जा रहे थे। उन्हें भाजपा से टिकट मिलने की उम्मीद थी। अंत में सीट महिला के लिए आरक्षित हो गई। पार्टी ने प्रेमा पांडेय पर भरोसा जताया। ऐसे में जन समर्थन पाने के लिए ममता निर्दलीय के तौर पर मैदान में उतरी हैं। उन पर टिकट वापसी का भी दबाव बना। इसे दरकिनार कर ममता और उनके पति नगरवासियों से मिलकर समर्थन की अपील कर रहे हैं।





