तिरुपति मंदिर के प्रसाद में मिलावटी घी का प्रयोग किए जाने का मामला सामने आने के बाद खाद्य संरक्षा विभाग चौकन्ना है। कई जगह प्रसाद की जांच हो रही है। उत्तराखंड के स्थित दरगाह पिरान कलियर में चढ़ाए जाने वाले इलायची दाना प्रसाद व सोहन हलवे में केमिकल मिला है। शुक्रवार को खाद्य संरक्षा विभाग व प्रशासनिक टीम की छापामार कार्रवाई के दौरान यह बात सामने आई। पता चला कि दरगाह में बनाए जाने वाले प्रसाद में सोडियम हाइड्रो सल्फाइड का इस्तेमाल किया जाता है। इस केमिकल को कपड़ों की रंगाई में इस्तेमाल किया जाता है।
दरगाह में मिली कई अनियमितताएं
खाद्य संरक्षा विभाग व प्रशासन की कार्रवाई में पता चला कि निर्माण इकाई के पास खाद्य संरक्षा विभाग की ओर से जारी होने वाला फूड सेफ्टी का लाइसेंस नहीं था। आसपास सफाई नहीं है। गंदे और बदबूदार स्थान पर प्रसाद का निर्माण किया जा रहा था। चीनी के बोरे काफी गंदी हालत में थे। विभाग ने विभिन्न सामग्री के सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं। इसके बाद अपर सचिव स्वास्थ्य व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बाजार का निरीक्षण करते हुए सभी दुकानदारों को लाइसेंस बनवाने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण में अपर सचिव स्वास्थ्य अनुराधा पाल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आशीष कुमार मिश्रा, जिला खाद्य संरक्षा अधिकारी एमएम जोशी, वरिष्ठ खाद्य संरक्षा अधिकारी योगेंद्र पांडे, दिलीप जैन शामिल रहे।
मीठा जहर है सोडियम हाइड्रो सल्फाइड
रुड़की सिविल अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डा. एके मिश्रा बताते हैं कि सोडियम हाइड्रो सल्फाइड का इस्तेमाल खाने की सामग्री में मिलाने से वह मीठे जहर के रूप में काम करता है। यह लीवर पर असर डालता है। धीरे-धीरे लीवर कमजोर होता चला जाता है। इसके उपयोग से पीलिया हो सकता है। केमिकल प्रतिरोधक क्षमता कमजोर करता है।





