हर नागरिक का साफ और स्वच्छ जल पाने का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए चलाई गई जल जीवन मिशन (जेजेएम) योजना कमीशनखोरी के शिकायत से घिर गई है। आरोप है कि विभागीय इंजीनियर कमीशनखीरी की इंजीनियरिंग कर रहे हैं। ठेकेदार व विभागीय अभियंता के बीच कमीशन के लेनदेन का आडियो वायरल हो रहा है। इससे विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने के साथ जेजेएम योजना संदेश के घेरे में आ गई है। चंपावत डीएम नवनीत पांडे ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। जल जीवन मिशन के तहत चंपावत जिले के चंपावत, बाराकोट, पाटी और लोहाघाट ब्लॉक में काम हुए हैं। हर जगह किसी ने किसी योजना में अनियमितता की शिकायत है।
जांच टीम में ये अधिकारी शामिल
जल जीवन मिशन के तहत गांव-गांव में पेयजल लाइन बिछाने, पेयजल टैंक निर्माण, पुरानी लाइनों की मरम्मत आदि काम किए गए हैं। पुरानी पाइप डालने, बिना स्रोत के पाइप बिछाने, पानी नहीं आने जैसी शिकायतें आते रही हैं। अब हरीश शर्मा उर्फ नरेंद्र उत्तराखंडी व जेजेएम अधिकारियों के बीच बातचीत का आडियो वायरल हो रहा है। हरीश शर्मा ने अभिलेखों के साथ डीएम से शिकायत की है। डीएम ने एपीडी विम्मी जोशी की अध्यक्षता में लोनिवि के एई अनुपम राय, डीआरडीए के एई नंदकिशोर ओली को शामिल करते हुए समिति गठित की है। समिति 15 दिनों में रिपोर्ट देगी।
विभागीय अधिकारी करेंगे सहयोग
जांच आदेश में डीएम ने कहा है कि समिति शिकायती पत्र, प्रस्तुत अभिलेख, मिशन कर्मियों के स्पष्टीकरण की भली-भांति जांच करेगी। जेजेएम की ऐसी सभी योजनाओं के अभिलेखों की जांच व स्थलीय निरीक्षण करेगी, जिसका ठेका हरीश शर्मा के पास था। जल निगम और जल संस्थान के विभागाध्यक्ष योजनाओं की विस्तृत परियोजना आख्या, मेजरमेंट बिल्ड रिपोर्ट और थर्ड पार्टी परीक्षण आख्या उपलब्ध कराएंगे।
दोषी बर्दाश्त नहीं होंगे: डीएम
चंपावत डीएम नवनीत पांडे का कहना है कि कमीशनखोरी का आरोप गंभीर है। पूरे प्रकरण की जांच के लिए समिति गठित की गई। जांच रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। दोषी को बक्सा नहीं जाएगा।





