सीबीआइ ने भारतीय सेना में भ्रष्टाचार का मामला पकड़ा है। आर्मी की राजस्थान के बीकानेर कैंट स्थित यूनिट-365 में सुरक्षा उपकरणों व अन्य सामान की आपूर्ति करने वाली फर्म (कंपनी) से साढ़े तीन प्रतिशत कमीशन लिया गया। दो प्रतिशत कमीशन साउथ वेस्टर्न कमांड, जयपुर के इंटिग्रेटेड फाइनेंशियल एडवाइजर (आइएफए) उमाशंकर कुशवाहा और डेढ़ प्रतिशत प्रिंसिपल कंट्रोलर आफ डिफेंस अकाउंट्स के अधिकारियों को गया। दो साल चली जांच के बाद सीबीआइ ने सेना के अधिकारियों, जवानों और चंडीगढ़ की कंपनी के मालिक समेत आठ लोगों के विरुद्ध सीबीआइ कोर्ट चंडीगढ़ में चार्जशीट दाखिल की है।चार्जशीट में रिश्वत के खेल में अधिकारियों, जवानों की भूमिका और उनकी काल रिकार्डिंग भी शामिल की है।सीबीआइ ने गुप्त सूचना के आधार पर केस दर्ज किया था।अभी एक मामला पकड़ में आया है। सीबीआई यूनिट के अन्य काम की टेंडर प्रक्रिया की भी जांच कर रही है।
टेंडर की जानकारी कराई लीक
चंडीगढ़ से दैनिक जागरण में रवि अटवाल की खबर के अनुसार, जांच में सामने आया कि एमके एजेंसीज कंपनी के मालिक जेएस बेदी को 24.77 लाख रुपये का टेंडर मिला था। कंपनी ने 87 हजार रुपये अधिकारियों को रिश्वत के रूप में दिए। कंपनी को फ्लैप बैरियर, फुल हाई टर्नस्टाइल गेट्स व इनके साफ्टवेयर और हार्डवेयर बनाना था। कंपनी ने बिचौलियों की मदद से आइएफए कुशवाहा को रिश्वत दी और जेम पोर्टल के नियमों को दरकिनार करते हुए न सिर्फ टेंडर प्रक्रिया की जानकारी लीक कराई, बल्कि टेंडर भी प्राप्त किया। सेना के विभिन्न कार्यालयों ने कंपनी की फाइल पर आपत्ति नहीं लगाई।
कौन हैं आइडीएएस अधिकारी कुशवाहा
सबसे गंभीर आरोप 1998 बैच के इंडियन डिफेंस अकाउंट्स सर्विसेस (आइडीएएस) अधिकारी उमाशंकर प्रसाद कुशवाहा पर हैं। उन पर अवैध तरीके से कांट्रैक्टर की फाइल को मंजूरी देने और दो प्रतिशत कमीशन लेने का आरोप है। कुशवाहा ने 1998 में यूपीएससी परीक्षा पास कर डिफेंस अकाउंट्स डिपार्टमेंट ज्वाइन किया। 2004 में लेह में डिप्टी कंट्रोलर के तौर पर उनका ट्रांसफर हुआ। बाद में इलाहाबाद, बेंगलुरु, सीडीए फंड्स आर्मी मेरठ और एमएचए दिल्ली में डिप्टी सेक्रेटरी रहे। 2015 में जयपुर में बतौर इंटिग्रेटेड फाइनेंशियल एडवाइजर (आइएफए) नियुक्त हुए।
भ्रष्टाचार मामले के आरोपित
• जतिंदर सिंह बेदी, मुख्य आरोपित, प्राइवेट कांट्रैक्टर।
• उमाशंकर प्रसाद कुशवाहा, इंटिग्रेटेड फाइनेंशियल एडवाइजर, साउथ वेस्टर्न कमांड, जयपुर।
• विजय नामा, जूनियर हिंदी ट्रांसलेटर, प्रिंसिपल कंट्रोलर आफ डिफेंस अकाउंट्स, जयपुर।
• राजेंद्र सिंह, बिचौलिया।
• संदीप सिंह राजपूत, बीकानेर स्थित यूनिट 365 में नायक।
• देव कुमार वर्मा, हवलदार।
• नंद लाल मीणा, सीनियर आडिटर, पीडीपीए आफिस, जयपुर।
• मनोज कुमार बुरानिया, सीनियर आडिटर, एलएओ आफिस, जैसलमेर।





