दुबड़ साधन सहकारी समिति में 64 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता की एसआइटी जांच, किसानों से ऋण बकाया हटाने व फसल बीमा का लाभ देने की मांग को लेकर आंदोलन जारी है। आंदोलन के संयोजक नरेंद्र उत्तराखंडी उर्फ हरीश शर्मा का कहना है कि सहकारिता विभाग 64 लाख रुपये की गड़बड़ी करने वाले आरोपित सचिव को बचाने में जुटा है जबकि अपनी मांगों को लेकर सात दिन से अनशन कर रहे किसानों को मरने के लिए छोड़ दिया गया है। सात दिन से अनशन करने के बाद भी कोई जिम्मेदारी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। तहसीलदार व बीडीओ मौके पर आकर अनशन समाप्त करने को कहते हैं लेकिन मांगों के संदर्भ में कोई भी ठोस व त्वरित आश्वासन नहीं दे रहा है। शर्मा ने कहा कि सहकारी समितियों में भ्रष्टाचार चल रहा है। समिति सचिव ने 64 लाख रुपये डकार लिए और विभाग जांच के नाम पर मामले को उलझाए हुए है। जब तक उच्च स्तरीय जांच नहीं होती आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलन को 26 दिन पूरे
चार मार्च से शुरू हुए आंदोलन को 26 दिन पूरे हो गए हैं। किसान हयात सिंह बोहरा, त्रिलोचन सकलानी, जयराम व घनश्याम भट्ट शनिवार को सातवें दिन भी अनशन पर डटे रहे। डा. गुरुशरण कौर के नेतृत्व में रुबीना बानो, कविता आदि ने अनशनकारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। अनशनकारियों के स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आ रही है। चारों का वजन गिर रहा है। खुशाल बोहरा, मनोज भट्ट, नवीन राम, काशीराम, खिलानंद जोशी, दुर्गादत्त जोशी, भुवन मिश्रा आदि शामिल रहे।





