नेपाल सीमा पर काली-गोरी नदी के संगम पर लगने वाले जौलजीबी मेले के शुभारंभ पर सीएम पुष्कर धामी ने कहा कि यह हमारी धरोहर है। जौलजीबी मेले ने भारत और नेपाल के रोटी-बेटी के संबंध को मजबूत किया है। केदारनाथ-पशुपतिनाथ आध्यात्मिक यात्रा दोनों देशों के संबंधों को अधिक मजबूत कर रही है।
गुरुवार को ऐतिहासिक व व्यापारिक महत्व के मेले का शुभारंभ करते हुए धामी ने कहा जौलजीबी मेला भारत, नेपाल और तिब्बत के सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को बढ़ाने का कार्य करता आया है। इससे पहले धामी ने दीप प्रज्ज्वलित कर मेले का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा मेले का स्वरूप बदला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीमांत क्षेत्र के समग्र विकास की अवधारणा साकार रूप लेने लगी है। अंतिम कहे जाने वाले गुंजी, नाबी, कुटी, चमोली का माणा, मलारी, उत्त्तरकाशी का नेलांग अब देश के प्रथम गांव बन चुके हैं।
कैलाश यात्रा को मिला नया आयाम
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदि कैलाश दर्शन के बाद सीमांत की तस्वीर बदल चुकी है। बीते वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष आदि कैलाश दर्शन के लिए 10 हजार हजार श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने व्यास घाटी में कुटी नदी के कटाव से सुरक्षा हेतु सात करोड़, गुंजी में भूकटाव से सुरक्षा के लिए 17.50 करोड़ रुपये देने की घोषणा की।





