पिथौरागढ़ में चल रही सेना की पर्यावरण बटालियन भर्ती में शामिल होने जा रहे युवाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। टनकपुर और हल्द्वानी बस स्टेशन पर यात्रियों की रेलमपेल है। सोमवार तड़के भी बड़ी अव्यवस्था दिखी। बसों व ट्रेन के माध्यम से टनकपुर पहुंचे हजारों युवा तड़के चार बजे ही रोडवेज स्टेशन पर जमा होने शुरू हो गए।
बसों में सीट न मिलने की वजह से युवाओं में रोष पनप गया। जिसे जहां से जगह मिली बस में चढ़ने लगा। बसों में क्षमता से अधिक सवारी बैठने से चालकों ने बसों को ककराली गेट पर खड़ा कर दिया। फिर पुलिस की मदद से यात्रियों को उतारा गया। 37 सीटर बसों में 60 के करीब युवा घुस गए। ककराली गेट पर पुलिस ने बैरियर लगा दिया। पुलिस को देख कुछ युवा सीट के नीचे छिप गए। पुलिस ने सभी को बाहर निकाला। मजबूर युवा हाईवे पर निजी कार, टैक्सी, ट्रक ड्राइवरों को हाथ देते रहे।
मेरे जानवरों को पानी कौन देगा
युवाओं की भीड़ बढ़ने से दूसरे यात्रियों को भी परेशानी हुई। चंपावत व लोहाघाट जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। चंपावत की देवकी मौनी बस न मिलने से रो पड़ीं। वह परिवार के साथ बारात में आई थीं। सुबह से अपराह्न दो बजे तक बस नहीं मिली। वह हर वाहन को हाथ देकर अपने परिवार को चंपावत छोड़ने का आग्रह करती रहीं। उन्हें अपने जानवरों की चिंता सताने लगी। बोलीं कौन चारा पानी देगा।
टैक्सी चालकों ने काटी चांदी
टैक्सी चालकों के प्रति यात्री 1000 से लेकर 1500 रुपये किराया वसूलने की शिकायत है। परिवहन निगम ने पिथौरागढ़ के लिए शनिवार को 10 व रविवार को 12 अतिरिक्त बसे चलाई थी। एआरएम नरेंद्र गौतम ने बताया कि सोमवार को 25 अतिरिक्त बसें चलाई गई। सेना भर्ती को देखते हुए काठगोदाम व लोहघाट के लिए शेड्यूल बसों को पिथौरागढ़ भेजा गया। शनिवार से मध्य प्रदेश के युवा आ रहे थे। सोमवार से उत्तर प्रदेश के युवा सेना भर्ती के लिए आ रहे हैं। सोमवार रात तक बसों का आवागमन होता रहा।




