टनकपुर-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग को चंपावत नगर से बाहर ले जाने के लिए सरकार 44 करोड़ रुपये मुआवजे के तौर पर बांटेगी। मुआवजा बांटने के लिए 30 मार्च से दो अप्रैल के बीच शिविर आयोजित किया जाएगा। चंपावत कैंपस में लगने वाले शिविर में भू स्वामियों को मुआवजा बंटेगा। पहले चरण में नाप भूमि के स्वामियों को मुआवजा दिया जाएगा। बाइपास बनने से टनकपुर-पिथौरागढ़ के बीच आवागमन करने वाले यात्री चंपावत नगर में प्रवेश किए बिना सरपट सफर कर सकेंगे।
तहसील प्रशासन ने राकड़ी फुलारा, चैकुनीबोरा व चैकुनी पांडेय गांव के ग्रामीणों को मुआवजा पाने बुलाया है। तीनों गांवों के ग्रामीणों को मुआवजा देने के लिए 30 मार्च से दो अप्रैल तक शिविर लगाया जाएगा। किसानों को आधार, पैन कार्ड, बैंक खाता समेत अन्य जरूरी दस्तावेज देने होंगे। बाद में अन्य गांवों के किसानों से दस्तावेज लेने के साथ मुआवजा दिया जाएगा। चंपावत नगर के बाहरी क्षेत्र में 9.87 किमी लंबे बाइपास का 220.88 करोड़ रुपये की लागत से बाइपास का निर्माण होता है। बाइपास निर्माण में 8.94 हेक्टेयर वन भूमि व 12.78 हेक्टेयर नाप भूमि आ रही है। एसडीएम अनुराग आर्य ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में सर्किल रेट का चार और नगरीय क्षेत्र में सर्किल रेट का दोगुने मुआवजा तय किया गया है।





