अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘भारत में मतदान’ बढ़ाने के लिए अमेरिका की ओर से 2.1 करोड़ डालर की सहायता दिए जाने पर सवाल उठाया है। ट्रंप ने अमेरिका के डिपार्टमेंट आफ गवर्मेंट एफीशियंसी (डीओजीई) के भारत को वोटर टर्नआउट बढ़ाने के लिए दिए जाने वाली सहायता को रद करने का समर्थन करते हुए कहा कि भारत के पास बहुत पैसा है। फिर हम भारत को 2.1 करोड़ डालर की रकम क्यों दे रहे हैं? हमारे लिए वह विश्व का सबसे अधिक कर लगाने वाला देश है। उनके टैरिफ (कर) इतने अधिक हैं कि हम उनके देश में कदम भी नहीं रख पा रहे हैं।
फ्लोरिडा स्थित अपने निवास मार-ए-लागो में ट्रंप ने कहा कि वह भारत और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आदर करते हैं, लेकिन 2.1 करोड़ डालर भारत में वोटर टर्नआउट के लिए देना कितना उचित है? आखिर अमेरिका में मतदान का प्रतिशत क्या है? भारत टैरिफ को लेकर बहुत सशक्त रहा है। मैं इसके लिए उनको दोष नहीं देता हूं। निश्चित रूप से यह व्यापार करने का उनका अलग तरीका है। भारत में कुछ बेचना बहुत मुश्किल है क्योंकि उनकी व्यापारिक बाध्यताएं हैं।
कई तरह की सहायता रद
विगत 16 फरवरी को डीओजीई के प्रमुख व उद्योगपति एलन मस्क ने एक्स पर पोस्ट साझा करके 2.1 करोड़ डालर की सहायता राशि रद किए जाने की घोषणा की थी। डीओजीई ने बयान जारी कर कहा था कि भारत को दी जाने वाली सहायता राशि के साथ ही बांग्लादेश में राजनीतिक जमीन को सशक्त बनाने के लिए 2.9 करोड़ डालर की सहायता राशि और नेपाल में वित्तीय संघवाद व जैवविविधता के संवाद के लिए 3.9 करोड़ डालर की सहायता राशि बंद की गई है। रायटर के हवाले से दैनिक जागरण में प्रकाशित समाचार के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि वह आटो, फार्मा सुटिकल्स और सेमीकंडक्टर चिप्स को लेकर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा कर चुके हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि भारत का आटो निर्यात पर टैरिफ सौ प्रतिशत लगाना सरासर गलत है। टैरिफ के मामले में भारत ही नहीं, सभी देशों ने अमेरिका का फायदा उठाया है।
फंडिंग को लेकर घमासान
भारत में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए यूएसएड द्वारा फंडिंग किए जाने की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। सत्तारूढ़ भाजपा ने कांग्रेस के नेताओं पर इस धन के जरिये अपने हित में चुनाव को प्रभावित करने का आरोप लगाया है वहीं कांग्रेस की ओर से कुछ भाजपा नेताओं पर जार्ज सोरोस की संस्था से जुड़े होने का आरोप लगा दिया है।




