उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद्र अग्रवाल का नाम लिए बिना कहा कि उत्तराखंड को पहाड़-मैदान के रूप में बांटने के मामले में कांग्रेस ने लोकतांत्रिक अधिकार का उपयोग करने में गोल्डन चूक हुई थी। कांग्रेस इस मामले को सदन के भीतर भुना सकती थी। इस मामले में भाजपा के साथ विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका भी अलोकतांत्रिक रही। कांग्रेस के दोनों पूर्व विधानसभा अध्यक्ष इस पर अपना विरोध जता चुके हैं। मंगलवार को चंपावत में प्रेस वार्ता के दौरान हरदा ने कहा अवसर आने पर कांग्रेस अपना अविश्वास जताएगी। हरदा ने कहा, पहाड़-मैदान समेत दूसरी पहचान को प्रदेशवासियों ने उत्तराखंड रूपी सबसे बड़ी पहचान में समर्पित कर दिया है। प्रदेश को बांटने की राजनीति स्वीकार नहीं की जा सकती।





