जितना कार्य के प्रति गंभीर, उतना ही व्यवहार के भी धनी। ईमानदारी के साथ पिछले 40 वर्षों से किसान हित के लिए कार्य करने वाले जिला उद्यान अधिकारी टीएन पांडेय 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो गए। इस अवधि में पांडेय ने उद्यान को सींचने का काम किया। 1985 में नैनीताल से सेवा शुरू करने वाले पांडेय विभिन्न जिलों में कार्यरत रहे। चंपावत में सवा तीन वर्ष के कार्यकाल के दौरान नर्सरी स्थापना, पुष्प उत्पादन, जैविक शहद, मशरूम, कीवी, सेब सघन बागान की स्थापना से लेकर जैविक उत्पादों को बढ़ावा देने का काम किया। पुष्प उत्पादन व शहद उत्पादन में चंपावत का प्रदेश व देश में नाम हुआ। पिछले दिनों 20 से 30 मार्च तक राष्ट्रपति भवन में आयोजित प्रदर्शनी में चंपावत के व्हाइट हनी ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया था। वर्ष 2022-23 में चंपावत ने लिलियम पुष्प श्रेणी में प्रदेश में पहला पुरस्कार पाया। 2023-24 में कार्नेशन पुष्प श्रेणी में पहले तीन पुरस्कार, 2024-25 में लिलियम, कार्नेशन व यूस्टोमा पुष्प व शहद में पहला पुरस्कार प्राप्त किया। पांडेय ने अपने कार्य के अलावा व्यवहार के प्रभावित किया। सदैव किसानों के हित के लिए कार्य करते रहे।
जारी रहेगा किसानों को प्रोत्साहित करने का काम
पांडेय ने बताया कि वह खाली बैठे रहना पसंद नहीं करते। सेवानिवृत्ति के बाद भी वह उद्यान व किसान हितों के लिए कार्य करते रहेंगे। निकट भविष्य में वह किसी एजेंसी के साथ जुड़कर या फिर स्वतंत्र रूप से बागवानी के कार्यों को आगे बढ़ाने व किसानों को प्रोत्साहित करेंगे। चंपावत के प्रभारी डीएम जयवर्धन शर्मा, सीडीओ एसके सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने पांडेय को भावभीनी विदाई दी। पर्वतलोक समाचार पोर्टल भी ऐसे ईमानदार और मेहनती अधिकारी को सेवानिवृत्ति पर विदाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है।
टीएन पांडेय के समय में चंपावत में हुए कार्य
-पहली बार केसर उत्पादन की पहल। 2022-23 में चारों विकासखंडों के 16 किसानों ने 195 किलो केसर बीज लगाया।
-वर्ष 2023-24 में पहली बार 32 किसानों से मशरूम उत्पादन कराया गया। 32 मशरूम यूनिट स्थापित।
-सेब सघन बागान के तहत तीन वर्षों में 10 हेक्टेयर में 112 किसानों ने उद्यान स्थापित किए।
-तीन वर्ष में 16 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 119 किसानों ने कीवी पौध रोपण किया। बाजरीकोट में कीवी कलस्टर स्थापित।
-तीन वर्षों में नौ हजार वर्ग मीटर पॉलीहाउस और दो हेक्टेयर खुले क्षेत्र में फूलों का उत्पादन।
-जिले में 5786 एपिस सिसना इंडिका के मौनबॉक्स व मैदानी क्षेत्र में 467 मैलीफेरा के मौनबॉक्स वितरित।
-वर्ष 2022-23 और 2023-24 में 653 पॉलीहाउस के जरिए सब्जी व पुष्प उत्पादन को प्रोत्साहन।





