बाप बड़ा न भैया, सबसे बड़ा रुपया.. की कहावत को सही साबित करते हुए एक व्यक्ति ने अपने ही अपने मामा की बेटी के बच्चे का दो लाख रुपये में सौंदा कर दिया। मामला उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का है। जांच के बाद पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। बच्चा भी सकुशल बरामद कर लिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून अजय सिंह ने बताया कि कस्बा झालू बिजनौर, हाल में यमुना कॉलोनी देहरादून रह रही रीना ने दो जनवरी को शिकायत करते हुए कहा कि उनके दो पुत्रों पांच वर्षीय आकाश व दो वर्षीय विकास का कोई अपहरण कर ले गया है। जांच में पता चला कि राकेश नाम के व्यक्ति का रीना के घर आना-जाना था। घटना के बाद से वह फरार चल रहा है। पुलिस ने जब महिला रीना के परिवार वालों से पूछताछ की तो पता चला कि रीना मानसिक रूप से कमजोर है। उसे राकेश व एक अन्य महिला अपने साथ यमुना कॉलोनी से ले गए थे। राकेश ने रीना को बिजनौर में उसके गांव छोड़ दिया और खुद फरार हो गया। जांच के बाद पुलिस ने राकेश निवासी ग्राम मोहल्ला जाटान जिला बिजनौर वर्तमान निवासी सहस्त्रधारा रोड, तानिया निवासी गोहरपुर सुल्तानपुर जिला मुरादाबाद उत्तर प्रदेश वर्तमान निवासी सहस्त्रधारा रोड, प्रियंका निवासी कोडीपुर धामपुर बिजनौर और सेंटी निवासी कोडीपुर धामपुर बिजनौर को गिरफ्तार कर लिया।
इस तरह कड़ी से कड़ी जोड़ी
आरोपी राकेश ने बताया कि वह 2004 से देहरादून में साफ-सफाई का कार्य कर रहा है। राहुल भी उसके साथ काम करता है। दिसंबर 2024 में राहुल की पुत्री तानिया ने उसे बताया कि धामपुर में प्रियंका नाम की एक महिला उसके साथ काम करती है। उसकी पहचान के एक व्यक्ति को बच्चे की जरूरत है। जिसके एवज में उन्हें अच्छा पैसा मिलेगा। राकेश ने अपने मामा की लड़की रीना के दो साल के बच्चे को बेचने की योजना बनाई। 16 दिसंबर 2024 को रीना को बहला फुसलाकर उसके दो बच्चों के साथ अपने साथ ले गया। राहुल व तानिया ने दो साल के विकास को धामपुर में प्रियंका व सेंटी को दो लाख रुपये में बेच दिया। इसके बाद राकेश ने रीना को 30 जनवरी 2024 को उसके घर झालू बिजनौर के पास छोड़ दिया। रीना ने पुलिस में शिकायत की तो पकड़े जाने के डर से वह रीना के बड़े बेटे आकाश को यमुना कॉलोनी में उसके घर के पास छोड़ गया।





