सीमांत पिथौरागढ़ में भाजपा और कांग्रेस के बागियों की वजह से मेयर चुनाव रोचक हो गया है। भाजपा से घोषित प्रत्याशी समेत छह ने नामांकन कराया है, जबकि कांग्रेस से घोषित प्रत्याशी समेत तीन ने चुनावी ताल ठोक दी है। अब दोनों पार्टियों पर सिलसिलेवार तरीके से बात करते हैं। पहले बात भाजपा की।
भाजपा में निकाय चुनाव के दौरान अनुशासन तार-तार होता दिख रहा है। पार्टी से जुड़ी छह महिलाओं ने मेयर पद के लिए नामांकन कराया है। बड़ी तादाद में दावेदारों के मैदान में उतरने से पार्टी के समक्ष बागियों को मनाने की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है। दावेदारी करने वालों में कुछ प्रत्याशियों की राजनीतिक पृष्ठभूमि काफी मजबूत है।
पार्टी प्रत्याशी कल्पना देवलाल के साथ ही दो बार पालिकाध्यक्ष राजेंद्र रावत की पत्नी सीमा रावत ने नामांकन कराकर बड़ी चुनौती खड़ी की है। पार्टी की वरिष्ठ नेता उमा पांडेय, प्रमिला बोरा, गोपू महर की माता चंद्रकला महर ने नामांकन भरा है।
कांग्रेस में विधायक मानने को तैयार नहीं
कांग्रेस में प्रत्याशी घोषित होते ही पार्टी में बगावत खुलकर सामने आई है। विधायक मयूख महर ने बगावती तेवर दिखाते हुए पार्टी निर्णय को दरकिनार कर यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव ऋषेंद्र महर की पत्नी मोनिका महर का निर्दलीय नामांकन कराते हुए उन्हें जिताने का दावा किया है। पार्टी ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष अंजू लुंठी को प्रत्याशी घोषित किया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अंजू लुंठी, यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव ऋषेंद्र महर की पत्नी मोनिका महर, महिला नगर अध्यक्ष भावना नगरकोटी सहित आठ से अधिक दावेदारों ने मेयर का टिकट मांगा था। पार्टी ने जिलाध्यक्ष और विधानसभा उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशी रहीं अंजू लुंठी पर भरोसा जताते हुए उन्हें मेयर पद के लिए चुनावी मैदान में उतार दिया। महिला मोर्चा की नगर अध्यक्ष भावना नगरकोटी भी निर्दलीय नामांकन करा चुकी हैं। हालांकि अंतिम समय तक कौन मैदान से बाहर होता है यह अभी कहा नहीं जा सकता। फिलहाल मुश्किल खड़ी हो गई है।




