मुख्यमंत्री पुष्कर धामी की गृह विधानसभा चंपावत में भाजपा के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है। नगर पालिका अध्यक्ष के लिए भाजपा से टिकट मिलने की आस लगाए ममता वर्मा को निराशा हाथ लगी है। निवर्तमान पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा की पत्नी ममता ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरने का निर्णय लिया है। ममता को आखिरी समय तक भाजपा से टिकट मिलने की उम्मीद थी। भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने प्रेमा पांडेय पर भरोसा जताया। प्रेमा पांडेय 2008 से 2013 तक जिला पंचायत अध्यक्ष रही हैं।
मैं अपने काम के बल पर वोट मांगूंगा: विजय
निवर्तमान पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा ने बताया कि वह अपने कार्यकाल में किए विकास कार्य की बदौलत जनता का समर्थन प्राप्त करते हुए ममता वर्मा के लिए वोट मांगेंगे। पार्टी से बगावत को लेकर पूछे प्रश्न पर उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस में शीर्ष पर होते हुए सब कुछ छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं। उनके समर्थक चुनाव में उतरने का दबाव बना रहे हैं। ऐसे में जनता की सेवा के लिए उनकी पत्नी चंपावत नगरपालिका अध्यक्ष के लिए प्रत्याशी होंगी। वह खुद निवेदक के रूप में जनता के बीच जाएंगे।
बगावत में मुश्किल होगी भाजपा की राह
नगर निकाय चुनाव के लिए अभी शुरुआत है। कितने लोग नामांकन करते हैं और आखिरी समय तक कितने दावेदार मैदान में रहते हैं, यह नामांकन प्रकिया पूरी होने के बाद पता चलेगा। फिलहाल ममता वर्मा के मैदान में उतरने से मुकाबला कड़ा होने की उम्मीद है।
टिकट कटने से भाजपा से इस्तीफा दिया
निकाय चुनाव के लिए प्रत्याशी तय होने के बाद टिकट पाने से वंचित रहे दावेदारों की प्रतिक्रिया सामने आने लगी है। बनबसा नगर पंचायत अध्यक्ष के लिए टिकट नहीं मिलने से नाराज भाजपा के प्राथमिक सदस्य विजेंद्र कुमार ने पार्टी के सभी दायित्व से इस्तीफा दे दिया है। जिला अध्यक्ष को भेजे इस्तीफे में वार्ड नंबर-एक निवासी विजेंद्र कुमार ने लिखा है वह अपनी स्वेच्छा से भाजपा की प्राथमिक सदस्यता और सभी जिम्मेदारी से इस्तीफा देते हैं। विजेंद्र पूर्व मंडल अध्यक्ष रह चुके हैं।




