अल्मोड़ा के हादसे से सबक नहीं लिया गया है। टनकपुर-जौलजीबी सड़क पर हुए हादसे में तामली थाना क्षेत्र के एसआइ समेत चार पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। बरसाती नाले की वजह से खेत गांव के पास सड़क पूरी तरह गायब थी। चालक इससे अनजान था। अचानक कार खड्ड में उतर गई। घायलों को टनकपुर उप जिला अस्पताल लाया गया।
तामली का सरकारी वाहन खेत गांव में रणकोची मंदिर के पास खड्ड में गिर गया। जिसमें उपनिरीक्षक भुवन चंद्र आर्य, हेड कांस्टेबल फरीद खान, ललित मोहन जोशी, मोहन सिंह आदि सवार थे। नदी में शव दिखने की सूचना पर सोमवार रात सभी सरकारी वाहन से मौके पर जा रहे थे। हादसे के बाद चारों को उप जिला अस्पताल टनकपुर लाया गया। डा. जीतेंद्र जोशी की टीम ने घायलों का उपचार किया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को घर भेज दिया गया।
सड़क गायब, पास में चेतावनी बोर्ड तक नहीं
मानसून अवधि में वर्षा की वजह से खेत गांव के पास सड़क पूरी तरह गायब है। सड़क का 25 से 30 मीटर हिस्सा पूरी तरह साफ है। सोमवार रात पुलिसकर्मियों का वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर करीब 20 फीट गहरे खड्ड में पलट गया। स्पाट के आसपास किसी तरह का चेतावनी बोर्ड नहीं लगा है। खास बात है कि आपदा के रिकार्ड में सड़क को बंद नहीं दिखाया गया है। इस संबंध में पूछने पर बताया गया कि सड़क निर्माणाधीन है। लोनिवि की पीआइयू ठुलीगाड़ इकाई के अधिशासी अभियंता आदर्श गोपाल ने बताया कि पुल का एप्रोच रोड टूटा है। मार्ग डायवर्जन किया गया है। पुलिस टीम को इसका अंदाजा क्यों नहीं आया, इसे दिखवाने टीम मौके पर भेजी गई है।
जिम्मेदार पर कार्रवाई हो: खर्कवाल
टनकपुर-जौलजीबी सड़क पर हुए हादसे के लिए पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल ने लापरवाही को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा कि सीएम की विधानसभा में इस तरह की लापरवाही गंभीर विषय है। कार्यदायी संस्था की लापरवाही की वजह से चूका के पास सड़क बह गई है। जिसे अभी तक ठीक नहीं कराया गया है। अधिकारी निरीक्षण तक को नहीं पहुंचे। निरीक्षण किया होता तो सड़क बंद कर वहां चेतावनी बोर्ड लगाया गया होता। खर्कवाल ने कहा अल्मोड़ा के मरचूला में हुए हादसे के बाद भी जिम्मेदार आंखें मूंदे हैं।





