मानसून अवधि में कई परिवार बेघर हो गए। ऐसे परिवार अब भी राहत शिविर में रह रहे हैं। राहत शिविरों में रहने की अपनी परेशानियों हैं। सर्दी शुरू हो गई है। प्रभावित चाहते हैं उन्हें शिविर के बजाय स्थायी ठिकाना दिया जाए। कुछ इसी मंशा के साथ चंपावत जिले के सीमांत मटियानी के नकेला गांव के आपदा प्रभावित जिला मुख्यालय पहुंच गए। भाजपा नेता सतीश पांडेय के नेतृत्व में पहुंचे प्रभावितों ने आपदा प्रबंधन उपाध्यक्ष विनय रुहेला से कहा कि आपदा में उसके घर उजड़ गए हैं। उन्हें राहत शिविर में ठहराया गया है। स्थायी ठिकाना देने की मांग की। रुहेला ने डीएम नवनीत पांडे को विस्थापन की कार्रवाई कराने के निर्देश दिए। यहां प्रकाश सिंह, नरेंद्र सिंह, मान सिंह, भूप सिंह, राजेंद्र सिंह, उमेद सिंह, सुरेंद्र सिंह, मोहन सिंह आदि प्रभावित मौजूद रहे।
गांव जाकर प्रभावितों की पीड़ा सुने अधिकारी
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन उपाध्यक्ष विनय रुहेला ने अधिकारियों से गांव-गांव जाकर आपदा प्रभावितों की समस्या सुनने और हर संभव मदद पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत व पुनर्निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर पूरा करने को कहा है। शनिवार को चंपावत पहुंचे रुहेला ने कलक्ट्रेट में बैठक लेते हुए कहा कि जिन योजनाओं में अधिक धनराशि व्यय होनी है, उसका प्रस्ताव शासन को भेजें। डीएम नवनीत पांडे व डीडीएमओ देवेंद्र पटवाल ने मानसून अवधि में आपदा से हुई परिसंपत्तियों की जानकारी दी। बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मल माहरा, ब्लाक प्रमुख बाराकोट विनीता फर्त्याल, पाटी सुमनलता, एसपी अजय गणपति, सीडीओ एसके सिंह, सीएमओ डा. देवेश चौहान, एसडीएम सदर सौरभ असवाल, सीईओ मेहरबान सिंह बिष्ट, एसडीओ वन नेहा चौधरी, ईओ अशोक वर्मा आदि मौजूद रहे।





