चरस तस्करी में दो नेपाली महिलाओं को 12 वर्ष की जेल, जंगल के रास्ते पहुंची थी भारत

अपराध/दुर्घटना

चंपावत जिले के विशेष सत्र न्यायाधीश ने चरस तस्करी के मामले में दो नेपाली महिलाओं को दोषी ठहराते हुए 12-12 वर्ष के कठोर कारावास व एक-एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न चुकाने पर दोनों अभियुक्त को एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। दोनों के पास से चार किलो से अधिक चरस बरामद हुई थी। 28 दिसंबर 2022 को शारदा बैराज चौकी पुलिस ने गश्त के दौरान लामा पुल व श्मशान घाट मार्ग पर चेकिंग कर रही थी। इस दौरान 43 वर्षीय गोमा धर्ती निवासी ग्राम बोठी बुंगा, जिला धौर पटान नेपाल से दो किलो व 46 वर्षीय कमला मगर निवासी ग्राम लमाई, नगर पालिका तीन, जिला डांग नेपाल के पास से 2.30 किलो चरस बरामद हुई।

छह गवाह व 25 साक्ष्यों से सिद्ध हुआ आरोप
दोनों अभियुक्त के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट में प्राथमिकी हुई। दोनों नेपाल से चरस लेकर जंगल के रास्ते भारत में प्रवेश कर गई थी। चरस भारत में बेचने की योजना थी। अभियोजन पक्ष ने छह गवाह व 25 साक्ष्य जुटाकर आरोप सिद्ध किया। विशेष सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल ने दोनों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता विद्याधर जोशी व तनुजा वर्मा ने बताया कि दोनों अभियुक्त गिरफ्तारी के दिन से जेल में बंद हैं। जेल में बिताई अवधि सजा में समायोजित होगी।

Tagged

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *