सीईओ को तीन वर्ष की कैद, इस काम के लिए मांगी ₹15 हजार घूस

न्यायालय

निजी स्कूलों की मान्यता बढ़ाने के एवज में स्कूल संचालक से ₹15 हजार घूस लेना मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) को भारी पड़ा। सात वर्ष पुराने इस मामले में हल्द्वानी विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण नीलम रात्रा की कोर्ट ने अल्मोड़ा के तत्कालीन सीईओ अशोक कुमार सिंह को तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अभियुक्त पर 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगा है। जुर्माना न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

यह है पूरा मामला
अल्मोड़ा के मोहल्ला नियाजगंज निवासी रिजवानुर्रहमान ने विजिलेंस को बताया था कि उनका फैजे आम सिटी मार्डन स्कूल है। उन्होंने जूनियर हाईस्कूल की मान्यता के लिए आवेदन किया था। आरोप था कि अल्मोड़ा के तत्कालीन सीईओ अशोक कुमार सिंह मान्यता दिए जाने के नाम पर उनसे रिश्वत मांगी। हल्द्वानी सेक्टर विजिलेंस की जांच में आरोप सही पाए गए। 28 अप्रैल 2017 को अशोक कुमार सिंह को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया। विवेचना के बाद कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया।

सात गवाह से साबित किया दोष
अभियोजन अधिकारी दीना रानी ने न्यायालय के समक्ष 13 गवाह परीक्षित कराए। साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण नीलम रात्रा की अदालत ने अशोक कुमार सिंह को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा-7 के अपराध के लिए तीन वर्ष के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। अशोक मूल रूप से उत्तर प्रदेश के ग्राम दोलतिया, पोस्ट बनकट, जिला वाराणसी का रहने वाला है।

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