दुष्कर्मी पिता को 25 वर्ष की कैद, छह गवाह नहीं आए अभियुक्त के काम

न्यायालय

जिला एवं सत्र न्यायाधीश चंपावत की कोर्ट ने दुष्कर्म के दोषी पिता को 25 वर्ष के कठोर कारावास व 75 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अर्थदंड न चुकाने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
मार्च 2023 में पंचेश्वर थाना क्षेत्र में दर्ज मुकदमे में 16 वर्षीय पीड़िता ने कहा कि उसका पिता पांच-छह माह से उसका शारीरिक शोषण करते आ रहा है। घटना मां को बताई तो उन्होंने किसी को बताने से इनकार कर दिया। अभियुक्त ने विरोध करते हुए कहा कि उनकी बेटी की किताबों में उसे किसी युवक के प्रेम पत्र मिले थे। उसने बेटी को युवक के साथ भी देखा। डांटते पर बेटी ने उसी के विरुद्ध आरोप लगाते हुए शिकायत की। अभियोजन पक्ष ने आरोप सिद्ध करने के लिए सात गवाह और 28 साक्ष्य प्रस्तुत किए। बचाव पक्ष ने भी छह गवाह प्रस्तुत किए। पीड़िता की मां ने बयान में कहा कि पति गलत नहीं है, बेटी भी गलत नहीं है।

सात गवाह, 28 साक्ष्य से साबित किया दोष
विशेष सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल ने कहा अभियोजन पक्ष अभियुक्त पर लगे आरोप को युक्तियुक्त संदेश से परे साबित करने में सफल रहा है। गवाह व साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से पीड़िता को चार लाख रूपये प्रतिकर देने का भी निर्णय सुनाया। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक तनुजा वर्मा व केएस राणा ने पैरवी की।

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