ग्रामीण स्वास्थ्य की अहम कड़ी हैं आशा वर्कर्स, सम्मेलन में सात कार्यकर्ता किए गए सम्मेलन

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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक ज्योति राय ने आशा कार्यकर्ताओं को ग्रामीण स्वास्थ्य की रीढ़ बताया। कहा, स्वास्थ्य योजनाओं को आम जन तक पहुंचाने में आशा सेतु का काम करती हैं। समारोह में तीन आशा कार्यकर्ता, तीन आशा फेसिलिटेटर व एक समन्वय को सम्मानित किया गया।
हिमालय अध्ययन केंद्र (एचएससी) की ओर से शनिवार को जिला पंचायत सभागार में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी व सीएमओ डा. देवेश चौहान ने आशाओं के योगदान को सराहा। एचएससी के निदेशक डा. दिनेश जोशी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की तरह स्वास्थ्य शिक्षा भी बहुत महत्वपूर्ण विषय है। स्वास्थ्य शिक्षा से बीमारियों का जोखिम कम किया जा सकता है। यहां जिला रेडक्रास सोसायटी के अध्यक्ष राजेंद्र गहतोड़ी, हेमलता जोशी, उत्कर्ष जोशी, सीएस ओझा आदि मौजूद रहे।

महिलाओं के बिना समाज संभव नहीं:हिमवत्स संस्था ने कुलेठी में महिलाओं के लिए प्रतियोगिता आयोजित की। सभासद प्रेमा चिलकोटी, नर्सिंग कालेज की प्राचार्या डा. रश्मि रावत, भगवती बिष्ट, डा. बीसी जोशी ने कहा कि महिलाओं के बिना समाज की कल्पना संभव नहीं है। महिलाओं के लिए माइंड बूस्टर गेम और गुब्बारे से गिलास उठाओ प्रतियोगिता आयोजित की गई। माइंड बूस्टर में प्रियंका, उषा सामंत, नीलम बोहरा व गुब्बारे से गिलास उठाने में ममता रस्यारा, प्रियंका, चंपा जीतीं। यहां टीके बिष्ट, शकुंतला गोस्वामी, ईश्वरी देवी, प्रकाश पुनेठा, पंकज बोहरा, सपना भंडारी आदि मौजूद रहे।

एसएसबी परिसर में खेलों का आयोजन
महिला दिवस पर एसएसबी पांचवीं वाहिनी में कार्यक्रम आयोजित किया गया। संदीक्षा उपाध्यक्ष दीप्ति बरनवाल ने दीप प्रज्ज्वलित करते हुए समारोह का शुभारंभ किया। संदीक्षा परिवार के लिए नारी सशक्तीकरण पर भाषण, सांस्कृतिक नृत्य के साथ खेलों का आयोजन किया गया। उप कमांडेंट चिकित्साधिकारी डा. वेदांतम मधुमिता ने कहा कि समाज में महिलाओं को समान अधिकार, अवसर और सम्मान देने के लिए महिला दिवस मनाया जाता है। हमारे देश में महिलाएं परिवार की धुरी रही हैं। पूर्व में समाज ने महिलाओं को वह स्थान नहीं दिया जिसकी वह हकदार थी। पिछले दो-तीन दशक में महिलाओं ने हर क्षेत्र में खुद को साबित किया है। राजनीति, शिक्षा, खेल, विज्ञान, या फिर देश की सेना में महिलाओं ने अपना नाम कमाया है। यहां संदीक्षा सचिव साक्षी चौहान, अर्पिता जगदीश, मृणालिनी रावत, मनोरमा, संध्या, अनुपम भारती आदि मौजूद रहे।

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