आदि कैलाश यात्रा शीतकाल के लिए बंद, 31 हजार ने किए दर्शन

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आदि कैलाश और ओम पर्वत दर्शन यात्रा 15 नवंबर से शीतकाल के लिए बंद करने की घोषणा कर दी गई है। मौसम को ध्यान में रखते हुए इनर लाइन परमिट बंद होने के कारण यात्रा अब अगले वर्ष अप्रैल के बाद शुरू होगी। पहली बार हेलीकाप्टर से आदि कैलाश यात्रा प्रारंभ हुई और ओल्ड लिपू से यात्रियों ने कैलाश मानसरोवर के दर्शन किए। कैलास मानसरोवर की यात्रा कोरोना काल के बाद से बंद है। अक्टूबर 2023 में पीएम नरेन्द्र मोदी के दौरे के बाद आदि कैलाश और ऊं पर्वत आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पिछले साल की अपेक्षा तीन गुना बढ़ी है। पिछली बार 10 हजार और इस बार 31 हजार लोग आदि कैलाश पहुंचे।

अप्रैल से शुरू हुई थी यात्रा

यात्रा अप्रैल में शुरू हुई थी और जुलाई में मानसून काल को देखते हुए बंद कर दी गई थी। एक अक्टूबर से 15 नवंबर तक के लिए पुनः यात्रा का संचालन हुआ। वर्ष में 140 दिन चली यात्रा में पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने 31 हजार लोगों को उच्च हिमालय क्षेत्र में प्रवेश के लिए जरूरी इनर लाइन परमिट जारी किए। अगले वर्ष यात्रियों की संख्या 50 हजार से अधिक पहुंचने की उम्मीद है।

अमिताभ बच्चन ने शेयर की मोदी की पोस्ट

वर्ष 2023 में 12 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आदि कैलाश, पार्वती सरोवर व ओम पर्वत के दर्शन किए थे। उन्होंने इस स्थान को लाजवाब बताते हुए फोटो एक्स पर पोस्ट की थी। इसे अमिताभ बच्चन सहित तमाम हस्तियों ने री-पोस्ट किया। तब देश दुनिया की नजर आदि कैलाश और ओम पर्वत पर पड़ी।

हेली से भी मानसरोवर दर्शन

भारत से चीन के आधिपत्य वाले तिब्बत स्थित कैलाश मानसरोवर की यात्रा कोरोना काल से बंद है। यात्रा बंद होने से इस वर्ष पहली बार पिथौरागढ़ स्थित ओल्ड लिपू से ही कैलाश पर्वत के दर्शन कराए गए। दैनिक जागरण में रमेश गडकोटी लिखते हैं इसके लिए उत्तराखंड पर्यटन विभाग और कुमाऊं मंडल विकास निगम ने हेली यात्रा संचालित की। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान के आठ यात्रा ग्रुप में शामिल 34 यात्रियों को हेलीकाप्टर से गुंजी तक ले जाया गया। जहां से उन्हें ओल्ड लिपू ले जाकर कैलाश के दर्शन कराए। तीन दिन की इस यात्रा में यात्रियों ने एक दिन पिथौरागढ़ में और दो दिन गुंजी में रात्रि विश्राम किया।

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