नैनीताल हाई कोर्ट ने नगर निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण तय करने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस बीएस वर्मा आयोग की रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार को एक दिन में एक रिपोर्ट देगी होगी। बुधवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी व न्यायमूर्ति विवेक भारती शर्मा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की।
ऊधमसिंह नगर निवासी रिजवान अंसारी ने जनहित याचिका दायर की है। जिस पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से हाई कोर्ट में बताया गया कि निकायों में ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति बीएस वर्मा की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है। जिसकी रिपोर्ट मिल चुकी है। सरकार आरक्षण तय करने के लिए नया विधेयक लाने जा रही है। कोर्ट ने सरकार से इसको लिखित रूप में पेश करने को कहा। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि सरकार 2011 की जनगणना के अनुसार निकायों में आरक्षण तय कर रही है। 2018 के निकाय चुनाव भी इसी आधार पर संपन्न हुए थे। वर्तमान में मैदानी इलाकों में अन्य पिछड़ा वर्ग का वोट बैंक बढ़ा है, इसलिए ओबीसी समिति की रिपोर्ट के आधार पर 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना चाहिए। राज्य सरकार ने तर्क दिया कि आरक्षण को लेकर राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर आपत्ति मांगी थी। आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया है।





