चंपावत जिला मुख्यालय के आसपास बाघ की मौजूदगी दिखी है। बारहसिंगा का शिकार करते हुए बाघ ट्रैप कैमरे में कैद हुआ है। बाघ की मौजूदगी को वन विभाग अच्छा संकेत मान रहा है। वहीं क्षेत्रवासी दहशत में हैं। हालांकि पिछले कुछ समय से क्षेत्र में बाघ के हमले की घटना नहीं हुई है।
आठ जनवरी को जिला मुख्यालय से लगी ढकना बडोला वन पंचायत के एक हथिया नौला के जंगल में बाघ का शव मिला था। बाघ के नाखून गायब थे। वन विभाग ने डीएनए व बिसरा जांच के लिए भेजा है। क्षेत्र में बाघ की मौजदूगी देखने के लिए वन विभाग ने ट्रैप कमरे लगाए हैं। सुयाल खर्क मे लगाए ट्रैप कैमरे में बाघ को बारहसिंगा का शिकार करते देखा जा रहा है। चंपावत क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी जिम कार्बेट के समय से रही है। वन विभाग कार्बेट की ट्रेल को पर्यटन के विकास के लिए विकसित कर रहा है। डीएफओ नवीन पंत ने बताया कि बाघ की मौजूदगी दिखी है। बाघ की मौजूदगी को पारिस्थितिकी तंत्र के लिए बेहतर बताया जा रहा है।




