टिकट नहीं मिलने से नाराज निवर्तमान पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा की मान-मनोबल काम नहीं आई। विजय की पत्नी ममता वर्मा के नाम वापस न लेने से चंपावत में अध्यक्ष के लिए घमासान के आसार हैं। यहां भाजपा की प्रेमा पांडेय व कांग्रेस की नीमा कठायत समेत तीन प्रत्याशी मैदान में हैं। दोनों प्रत्याशी पार्टी के निशान के साथ लड़ेंगे। ममता को शुक्रवार को चुनाव चिह्न आवंटित होगा।
भाजपा से टिकट कटने से नाराज विजय वर्मा को मनाने के प्रयास गुरुवार दिनभर होते रहे। सूत्रों ने बताया कि उन्हें कई स्तर से फोन गए। दोपहर में उन्होंने अपना मोबाइल बंद कर दिया। शाम चार बजे तक जब नाम वापस न होने पर स्पष्ट हो गया कि ममता मुकाबले को आमने-सामने का न होकर त्रिकोणीय बनाएंगी।
प्रेमा के समर्थन में सुनीता पीछे हटीं
निर्दलीय सुनीता चौधरी ने भाजपा प्रत्याशी प्रेमा पांडेय के समर्थन में अपना नाम वापस ले लिया। प्रेमा ने सुनीता का माल्यार्पण कर स्वागत किया। यहां भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य शंकर दत्त पांडेय, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुकेश महराना, पूर्व जिलाध्यक्ष हिमेश कलखुड़िया, शंकर खाती, रवींद्र तड़ागी आदि मौजूद रहे।
टनकपुर में दो प्रत्याशी पीछे हटे
कांग्रेस से बगावत कर चुनाव मैदान में उतरे शैलेंद्र नाथ व निर्दलीय बिहारी लाल सक्सेना ने नाम वापस ले लिया। भाजपा के विपिन कुमार, कांग्रेस की हेमा वर्मा समेत सात प्रत्याशी मैदान में हैं। इसमें मो. उमर, विनोद बिष्ट, मो. हारुन, नासिर हुसैन, गंगा गिरि गोस्वामी शामिल हैं।
बनबसा में सानू का नाम वापस
पहले बगावत का मन बना चुकीं सानू देवी ने भाजपा प्रत्याशी रेखा देवी के समर्थन में अपना नाम वापस ले लिया। नगर पंचायत अध्यक्ष के लिए अब चार प्रत्याशी मैदान में हैं। कांग्रेस से विजेंद्र कुमार के अलावा निर्दल मिंटू कुमार व सनी देओल के बीच मुकाबला होगा।






