चार एजेंसी, रेस्क्यू में लग गए 20 घंटे, फिर मिला चालक का शव

अपराध/दुर्घटना

लोहाघाट के पास हुए हादसे में कैंटर चालक की मौत से हर कोई दुखी है। हादसे के बाद चार एजेंसी राहत-बचाव में लगी। इसके बावजूद 20 घंटे लग गए। कैंटर से चालक का शव बाहर निकालने कुछ पहले तक पता नहीं था कि चालक कहां है, किस हाल में है। जब शव नजर आया तो उसके जीवित होने की उम्मीद खत्म हो गई।
बुधवार को टनकपुर से भवन निर्माण की सामग्री लेकर आ रहा कैंटर संख्या यूके 04 सीसी 7477 रात 9:30 बजे अकलधारा के पास अनियंत्रित होर क्रश बैरियर से टकराते हुए 30 मीटर नीचे लोहावती नदी में जा गिरा। हादसे में वाहन चालक की मौत हो गई। वाहन में बैठा एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर देर रात पुलिस और दमकल की टीम ने रेस्क्यू कर घायल सोनू राय (24) पुत्र भैरव राय, निवासी रायनगर चौड़ी को बाहर निकालकर उपजिला अस्पताल भेजा। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

हाइड्रा भी नहीं आया काम
वाहन चालक को पुलिस और दमकल की टीम रेस्क्यू करती रही। गिरे वाहन को उठाने के लिए हाइड्रा मंगवाया, लेकिन वाहन को हटाने में दिक्कतें आई। बाद में एसडीआरएफ, आइटीबीपी के जवानों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाया। गुरुवार पांच बजे के आसपास चालक 24 वर्षीय लीलाधर भट्ट पुत्र स्व. शंकर दत्त भट्ट, निवासी कोट अमोड़ी चंपावत का शव वाहन के नीचे से दबा हुआ निकाला।



चार साल पहले बहन की हुई थी मौत
कोट अमोड़ी गांव से घटना स्थल पर पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि मृतक वाहन चालक लीलाधर भट्ट मधुर स्वभाव का था। गांव में होने वाले सामाजिक कार्यक्रमों में आगे रहता था। वह परिवार में तीन भाई बहिनों में दूसरे नंबर का था। चार साल पूर्व वाहन दुर्घटना में उसकी एक बहन की मौत हो गई थी। हसंते खेलते परिवार में एक बार फिर शोक की लहर दौड़ गई है।

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