कुमाऊंनी जैसी दूसरी भाषा नहीं, इसके संरक्षण को बने ट्रस्ट: कोश्यारी

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चंपावत में आयोजित 16वां कुमाऊंनी भाषा सम्मेलन के समापन सत्र में पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि कुमाऊंनी विविधता से भरी है। भाषा की इतनी विविधता और गहराई दुनिया की दूसरी भाषाओं में नहीं मिलती। कुमाऊनी के विकास के लिए ट्रस्ट बनाया जाना चाहिए।
चंपावत गोरलचौड़ स्थित आडिटोरिय में आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन के समापन पर बतौर मुख्य अतिथि शामिल कोश्यारी ने साहित्यकारों व लेखकों से वार्ता कर कुमाऊंनी के प्रचार-प्रसार के लिए किए जा रहे योजनाओं की सराहना की। बाद में कुमाऊंनी साहित्य आधारित प्रदर्शनी का निरीक्षण किया।

डीएम नवनीत पांडे ने खरीदी कई पुस्तकें
डीएम नवनीत पांडे ने सम्मेलन में कहा कि हमें अपनी भाषा पर गर्व होना चाहिए। बोलने से भाषा बचेगी। घर-परिवार में बच्चों से मातृ भाषा में संवाद करना चाहिए। जिलाधिकारी ने आयोजन स्थल पर लगे स्टाल से कुमाऊनी साहित्य पर आधारित विभिन्न पुस्तकें खरीदी।

भाषा के विकास को लेकर दिए सुझाव
राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक व साहित्य चेतना मंच चंपावत से जुड़े डा. बीसी जोशी ने आयोजन सुदूर क्षेत्र में करने, कुमाऊंनी भाषा को स्कूली शिक्षा में शामिल करने पर जोर दिया। डा. हयात सिंह रावत ने सहयोगियों का आभार जताया।

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