उत्तराखंड में निकाय चुनाव को लेकर छाए असमंजस की बादल छंट गए हैं। राज्यपाल ने निकायों में ओबीसी आरक्षण संबंधी अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। अब एकल सदस्यीय समर्पित आयोग की रिपोर्ट को आधार बनाने हुए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण का निर्धारण होगा। आरक्षण निर्धारण होते ही किसी भी समय चुनाव की अधिसूचना जारी हो सकती है।
निकाय चुनाव के लिए अध्यादेश को विधि विभाग की हरी झंडी मिल गई थी। विभाग ने अपनी कानूनी राय राजभवन को भेजी थी। निकाय चुनाव के लिए ओबीसी आरक्षण लागू किया जाना है। इसके लिए शासन ने कानून में बदलाव के मकसद से अध्यादेश राजभवन भेजा था। राजभवन की विधि टीम ने किसी कानून का हवाला देते हुए इसे रोक लिया था। राजभवन ने ही शासन में विधि विभाग से इस पर राय मांगी। विधि विभाग ने इसे हरी झंडी दे दी। कुछ कानूनों का हवाला देते हुए विधि विभाग ने माना है कि राजभवन चाहे तो अध्यादेश को मंजूरी दे सकता है। अब राज्यपाल ने अध्यादेश को मंजूरी दे दी है, जिसके साथ ओबीसी आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया तेजी से शुरू हो जाएगी। उसके बाद निकाय चुनाव होंगे। नगर निकायों का कार्यकाल दो दिसंबर 2023 को समाप्त हो गया था।






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