रिटायर्ड गुरुजी महिला के चक्कर में ऐसे फंसे कि 3.65 लाख रुपये गंवा बैठे। इतना ही नहीं पूरे प्रकरण ने उन्हें मानसिक रूप से बीमार बना दिया। परेशानी इतनी बढ़ी कि अस्पताल में भर्ती कराना पड़ गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी महिला समेत दो को गिरफ्तार कर लिया, दो अन्य लोगों की तलाश जारी है।
ऊधम सिंह नगर के एसएसपी मणिकांत मिश्रा के अनुसार 21 अक्तूबर को मानपुर रोड काशीपुर निवासी रिटायर्ड शिक्षक ने शिकायतीपत्र देकर कहा कि उनकी किराने की दुकान है। 28 अगस्त को उनकी दुकान पर आई गौरी वर्मा उर्फ दमयंती ने पीने के लिए पानी मांगा। फिर अपना मोबाइल नंबर दिया और रुद्रपुर आने पर मिलने की बात कही। गुरुजी को ये बुलावा और महिला का चाल-चलन आकर्षित कर गया। उनसे रहा न गया और तीन दिन बाद 31 अगस्त को ही रुद्रपुर पहुंच गए।
इस तरह किया खेल
महिला उन्हें चाय पिलाने वसुंधरा कॉलोनी काशीपुर रोड स्थित अपनी रिश्तेदार के घर ले गई। वह कमरे में पहुंचे तो महिला ने अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए। इस बीच, विवेक बाठला उर्फ विक्की और अन्य लोग आए। उन्होंने चाकू दिखाकर उनको कपड़े उतारने पर मजबूर कर दिया। विवेक ने खुद को हाईकोर्ट का अधिवक्ता और दूसरे ने बिलासपुर का ग्राम प्रधान बताया। तभी वहां पहुंचे तीसरे व्यक्ति ने खुद को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल का पुलिसकर्मी बताया।
रुपए गए इज्जत जाने की डर से हुए बीमार
आरोपियों ने गुरुजी का मोबाइल, रुपये और एटीएम छीन लिए और उनके साथ मारपीट की। इसके बाद उनको बंधक बनाकर गावा चौक ले जाया गया। उनके एटीएम कार्ड और रिश्तेदारों से कुल 3.65 लाख रुपये ले लिए थे। पूरे प्रकरण ने शिक्षक को मानसिक रूप से बीमार बना दिया। पानी सिर से ऊपर गया तो गुरुजी पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस ने दमयंती और रंपुरा निवासी अजय गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। विकास और अन्य की तलाश के लिए पुलिस दबिश दे रही है।





