सीएम पुष्कर धामी ने दो वर्ष पूर्ण घोषणा करते हुए कहा था कि पूर्णागिरि मेला वर्षभर संचालित किया जाएगा। यूं तो माता का दर वर्षभर खुला रहा है। श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला बारोमास बना रहता है। वहीं, बात जब इंतजाम की आती है तो सरकारी मशीनरी लकीर खींच देती है। पूर्णागिरि मेले को इस बार 15 मार्च से 15 जून तक संचालित करने का निर्णय लिया गया है। गुरुवार को डीएम नवनीत पांडे ने टनकपुर के बूम गेस्ट हाउस में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर 10 मार्च तक मेले की सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए। सड़क एवं पैदल मार्ग सुधारीकरण, विद्युत, पेयजल, स्वास्थ्य, पार्किंग, आवास, संचार आदि सेवाओं को समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए। कहा श्रद्धालु को बेहतर सुविधा देना प्रशासन का दायित्व है। एसडीएम आकाश जोशी मेला मजिस्ट्रेट व जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी तेज सिंह मेला अधिकारी होंगे। इस बार दो सहायक मेला अधिकारी भी तैनात रहेंगे।
पार्किंग काटेगी पर्यटकों की जेब
पूर्णागिरि में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा दिए जाने के लिए चार पहिया और दो पहिया वाहनों को ठुलीगाड़ से आगे जाने की अनुमति होगी। पहली बार यह व्यवस्था की गई है। वाहनों के ठुलीगाड़ से आने जाने पर 100 रुपये की पर्ची अलग से काटी जाएगी। ठुलीगाड़ में वाहन पार्क करने पर चार पहिया वाहनों से 100 रुपये, जबकि दो पहिया वाहनों से 60 रुपये शुल्क लिया जाएगा। बूम में बस पार्किंग का किराया 150 रुपये होगा। इस बार मुंडन शुल्क 101 रुपये ही लिया जाएगा। सटल सेवा के तहत ठुलीगाड़ से भैरव मंदिर तक 75 टैक्सियों का संचालन होगा। वाहन ठेकेदार के कर्मचारी ड्रेस कोड में रहेंगे।
हर दुकान में रखने होंगे अग्निशमन उपकरण
सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में अग्निशमन की व्यवस्था होगी। पुलिस अग्निशमन वाहन के अतिरिक्त प्रत्येक दुकान में अग्नि नियंत्रण संयंत्र रखना जरूरी होगा। भंडारे वाले स्थानों को चिह्नित कर मेला मजिस्ट्रेट उन्हें भंडारे की अनुमति प्रदान करेंगे। 800 आक्सीजन सिलेंडर भी रखे जाएंगे।





