अवैध खनन से बागेश्वर में मकानों पर दरारें पड़ने के मामले का हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। इस मामले में अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली को न्याय मित्र नियुक्त करते हुए आख्या प्रस्तुत करने को कहा है। बागेश्वर जिले के तहसील कांडा के अंतर्गत सेरी गांव, ढोल्यूड़ा, घाड़ी, धपोली में बड़े पैमाने पर अवैध खनन के कारण ग्रामीणों के घरों में दरारें पड़ गई हैं। जमीन धंसने की वजह से ग्रामीण डरे हुए हैं।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति विवेक भारती शर्मा की खंडपीठ ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली से कहा कि मामले की असल रिपोर्ट पीठ के सामने रखें। प्रकरण में अब अगली सुनवाई 21 नवंबर को होगी। इस मामले में प्रमुख सचिव, पर्यावरण एवं वन, ग्रामीण विकास सचिव, उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला मजिस्ट्रेट बागेश्वर को पक्षकार बनाया गया है। खनन से परेशान हैं ग्रामीणकांडा क्षेत्र में खनन जोरों से चल रहा है। खनन के लिए विस्फोट करने से क्षेत्र की पारिस्थितिकी बिगड़ रही है। हाई कोर्ट ने ग्रामीणों के प्रार्थना पत्र के साथ समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचारों की कतरन का संज्ञान लिया। ग्रामीणों ने बताया कि साधन संपन्न परिवार अन्यत्र जा बसे हैं, जबकि 18 परिवार डर के साए में रहने को मजबूर हैं।





