पैक्स घोटाला: चंपावत की दुबड़ समिति में 64 लाख का गबन, एक साल बाद खुला मामला

अपराध/दुर्घटना

चंपावत जिले की एक प्राथमिक साधन सहकारी समिति (पैक्स) में 64 लाख रुपये का गबन सामने आया है। समिति सचिव ने किसानों के नाम ऋण बांटा और उसे बैंक में जमा नहीं दिखाया। नियम विरुद्ध जाकर एक ही किसान को दो से तीन ऋण बांट दिए। बाद में धनराशि किसानों पर भी बकाया नहीं दिखाई। सदस्यों पर लगा ऋण कम हो गया और समिति पर बैंक की देनदारी बढ़ती चली गई। समिति 35 लाख के घाटे में चल रही है। मामले में पांच सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट का इंतजार है।

साढ़े तीन लाख रुपये जमा कर चुका सचिव
चंपावत जिले के पाटी ब्लाक की दुबड़ समिति में हुई वित्तीय अनियमितता मार्च 2024 में पकड़ में आई थी। समिति सदस्यों पर लगा ऋण कम होने व समिति पर जिला सहकारी बैंक (डीसीबी) की अधिक देनदारी होने से गड़बड़ी का अंदेशा हुआ। सहायक निबंधक (एआर) सुभाष गहताेड़ी ने एडीओ से सत्यापन कराया। अभिलेखों में गड़बड़ी मिली। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 3.50 लाख रुपये का गबन मिलने पर सचिव ने इसे जमा करा दिया। आरोपित सचिव को पिछले वर्ष अप्रैल में निलंबित कर दिया गया था।

1998 में लेखाकार के तौर पर हुआ भर्ती
एआर सुभाष गहतोड़ी ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तभी पांच सदस्यीय समिति गठित की। तब यह मामला मीडिया में नहीं आया। एआर ने चार मार्च 2025 जांच समिति को स्मरणपत्र भेजकर शीघ्र अंतिम आख्या उपलब्धकराने को कहा है। उच्च अधिकारी ने बताया कि 2010 से दस्तावेजों का मिलान करने पर 64 लाख रुपये की अनियमितता सामने आई है। आरोपित सचिव 1998 में लेखाकार के तौर पर समिति में आया था। 2010 में सचिव बनते ही खेल शुरू कर दिया था।

जांच समिति में यह अधिकारी शामि
एडीसीओ पाटी नलिन विश्वकर्मा की अध्यक्षता में गठित जांच समिति में एडीसीओ लाेहाघाट कमला मेहरा, एडीओ बाराकोट दीपक चुफाल, एडीओ पाटी अनिल जोशी व शाखा प्रबंधक डीसीबी पाटी को शामिल किया है। समिति से शीघ्र रिपोर्ट देने को कहा गया है। एआर सहकारिता सुभाष गहतोड़ी का कहना है कि दुबड़ समिति में वित्तीय अनियमितता पिछले वर्ष पकड़ में आई थी। शुरुआती तौर पर 64 लाख रुपये की गड़बड़ी मिली है। आरोपित सचिव जय राम निलंबित है। विभाग इस मामले में गंभीर है। अंतिम जांच रिपोर्ट आने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

Tagged

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *