न्यायालय ने चरस तस्करी के छह वर्ष पुराने मामले में अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न चुकाने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
मई 2019 को पुलिस ने टनकपुर-चंपावत के बीच स्वाला के समीप चेकिंग के दौरान संजय सिंह निवासी कली गांव, लोहाघाट के पास से एक किलो चरस बरामद की गई। अभियुक्त के विरुद्ध चंपावत कोतवाली में एनडीपीएस में प्राथमिकी हुई। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल की कोर्ट ने अभियुक्त को दोषी ठहराया। जेल में बिताई अवधि सजा में समायोजित होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी विद्याधर जोशी ने पैरवी की।




