उत्तर भारत के लोगों के लिए प्रमुख आस्था के केंद्र के रूप में विख्यात पूर्णागिरि धाम में लगने वाले मेले का समय नजदीक आ रहा है। चंपावत के प्रभारी डीएम जयवर्धन शर्मा ने सोमवार को विभागीय अधिकारियों व मंदिर समिति के पदाधिकारियों के साथ पूर्णागिरि मेले की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को होली से पूर्व मेले की सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। पूर्णागिरि मेला 15 मार्च से शुरू होकर 15 जून तक चलेगा। प्रभारी डीएम ने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। कहीं से दुर्व्यवहार और मुंडन, पार्किंग के नाम पर मनमाना शुल्क वसूलने की शिकायत आती है तो संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रभारी डीएम ने बिजली, पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य आदि व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। कहा कि मेला शुरू होने से पूर्व सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद होनी चाहिए। लापरवाही बरती गई तो संबंधित विभागों के अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। मेला क्षेत्र के अलावा पैदल रास्तों का भी निरीक्षण किया। मंदिर समिति अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी ने बताया कि पूर्णागिरि मेले में उत्तराखंड राज्य के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली सहित पड़ोसी देश नेपाल से भी लाखों की तादात में श्रद्धालु माता के दर्शन को पहुंचते हैं। बताया कि कई बार व्यवस्थाएं चाक चौबंद न होने से श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस मौके पर एसडीएम नितेश डांगर, तहसीलदार जगदीश गिरी, जिला पंचायत के एएमए तेज सिंह, लोनिवि के एई लक्ष्मण सामंत, जल संस्थान के जेई विपिन कलौनी, बूम रेंजर गुलजार हुसैन, ऊर्जा निगम के एसडीओ मयंक भट्ट, आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल, मंदिर समिति के उपाध्यक्ष नीरज पांडेय, भुवन पांडेय, प्रभारी कोतवाल सुरेंद्र सिंह कोरंगा, आनंद महर आदि मौजूद रहे।





