चंपावत जिले के दूरस्थ पाटी विकासखंड के धरसों गांव में पेयजल लाइन की मरम्मत के नाम पर दो लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। शुरुआती जांच में सरकारी दस्तावेजों में कार्य पूर्ण दिखाकर धनराशि डकारने की पुष्टि हुई है। रीठा साहिब पुलिस ने आरोपी ठेकेदार पिता-पुत्र के विरुद्ध धोखाधड़ी में प्राथमिकी पंजीकृत की है। पुलिस दोनों आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
विधायक खुशाल सिह अधिकारी फरवरी शुरुआत में धरसों क्षेत्र भ्रमण र गए थे। ग्रमीणों ने उनके सम्मुख पिछले वर्ष मानसून में क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की मरम्मत न होने से उपजे जल संकट का मामला उठाया। विधायक ने मौके से विभागीय अधिकारियों से मोबाइल पर बात की। पता चला कि धरसों में पेयजल लाइन की मरम्मत के लिए दो लाख रुपये से अधिक का भुगतान भी हो चुका है।
इस तरह खुला पूरा प्रकरण
ग्राम प्रशसक माधवी देवी और उनके पति मोहन नाथ गोस्वामी ने ब्लाक कार्यलय से जानकारी लेने पर पता चला कि मछियाड़ निवासी भुवन चंद्र भट्ट अपने ठेकेदार पिता तिलोमणि भट्ट के नाम पर भुगतान पा चुका है। मोहन नाथ ने 10 फरवरी को रीठा साहिब थाने में तहरीर दी। प्रारंभिक जांच के बाद 16 फरवरी को दोनों के विरुद्ध बीएनएसकी धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) में प्राथमिकी पंजीकृत हो गई। थनाध्यक्ष कमलेश भट्ट ने बताया कि शुरुआती जांच में धोखाधड़ी मिली है। सोमवार को बीडीओ से दस्तावेज लेने ब्लाक गए थे, लेकिन वह नहीं मिले।
विभागीय स्तर से भी होगी कार्रवाई: सीडीओ
चंपावत सीडीओ संजय कुमार सिंह का कहना है कि मामले की विभागीय स्तर से भी जांच कराई जाएगी। प्रकरण में सत्यता मिलने पर संबंधित कर्मचारी या अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय स्तर से कार्रवाई की जाएगी।





