उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व श्रीनगर के पूर्व विधायक गणेश गोदियाल ने बतौर पूर्व विधायक बढ़ी हुई पेंशन ठुकरा दी है।उन्होंने कहा कि जिस प्रदेश में लोग छह से आठ हजार मासिक मानदेय पर आजीविका चलाने को मजबूर हैं। आपदा में जिनका सबकुछ छिन गया हो, सरकार को ऐसे लोगों को देने के लिए कुछ ना हो, उस प्रदेश में पूर्व विधायकों की बढ़ी पेंशन स्वीकार नहीं कर सकता हूं। गोदियाल ने कहा कि इस संबद्ध में जल्द ही विधानसभा अध्यक्ष को पत्र भेज बढ़ी पेंशन नहीं देने का आग्रह करेंगे।
बीते दिनों पुष्कर धामी सरकार ने पूर्व विधायकों की पेंशन में बढ़ोत्तरी कर दी थी। जिस पर राजनीतिक दल हो या पूर्व विधायक सीधे तौर पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। पूर्व कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल का पूर्व विधायकों के पास बीड़ी पीने के लिए भी पैसा नहीं होने का बयान इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। इस बीच कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पूर्व विधायक के रूप में बढ़ी पेंशन सुविधा लेने से इन्कार कर दिया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड संवेदनशील प्रदेश है। यहां आपदा में अपना सबकुछ गंवाने वालों को सरकार के पास बांटने के लिए पैसा नहीं है। प्रदेश की आर्थिक स्थिति ऐसी है कि यहां छह से आठ हजार मानदेय पर लोग नौकरी कर परिवार पाल रहे हैं। ऐसे प्रदेश में बढ़ी हुई पेंशन की सुविधा लेने के लिए मेरा अंतरमन मुझे कचोटता है। मैं इस सुविधा को स्वीकार नहीं कर सकता हूं। अब देखना है कि इस दिशा में कौन विधायक या पूर्व विधायक अपनी प्रतिक्रिया देता है। यहां यह बता दें कि गोदियाल ने विधायक चुने जाने पर सरकारी गनर लौटा दिया था।





