बागेश्वर व चमोली की सफलता देखकर लौटा सहकारिता सदस्यों का दल

शिक्षा/रोजगार

सीखने के कई माध्यम होते हैं। हम किसी को देखकर सीखते हैं, किसी से प्रेरित होते हैं। कोई हमें प्रोत्साहित करता है तो कई बार कुछ अलग, कुछ नया करने की जिज्ञासा नया करवाती है। ग्रामोत्थान परियोजना से अनुबंधित व उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूएसआरएलएम) के तहत गठित संकुल स्तरीय संघों के 46 सदस्यीय दल चमोली व बागेश्वर जिलों के परियोजना क्षेत्र का भ्रमण कर लौट आया है।

तीन दिवसीय भ्रमण के दौरान सहकारिता सदस्यों ने स्वायत्त सहकारिताओं में सुशासन, व्यवसाय, विपणन, उत्पादों के मूल्यवर्धन, ग्रेडिंग, पैकेजिंग व दस्तावेजीकरण के बारे में जानकारी ली। कृषि विज्ञान केंद्र ग्वालदम, राज राजेशवरी सहकारिता थराली, भगवती लोल्टी, बधानगढ़ी ग्वालदम व हिमगिरि स्वायत्त सहकारिता कौसानी का कामकाज देखा। भ्रमण पर गए सदस्यों ने दूसरे क्षेत्र में सहकारिता के माध्यम से हो रहे कार्यों व बाजार जोखिम के अनुभवों का आदान-प्रदान किया। कहा कि बाजार जरूरत के अनुरूप उत्पादों को तैयार किया जाना चाहिए। बदलते समय में ग्रेडिंग व पैकेजिंग पर भी जोर देना जरूरी है। भ्रमण में ग्रामोत्थान के एएम प्रकाश चंद्र, अतुल सिरस्वाल, मनीषा कांडपाल, प्रियंका आदि शामिल रहे।

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