अल्मोड़ा जिले के मरचूला बस हादसे के बाद दूसरे दिन मंगलवार को रामनगर के दो गांवों समेत पौड़ी गढ़वाल के करीब 20 गांवों में मातमी सन्नाटा पसरा रहा। गमगीन माहौल में सल्ट के महादेव स्थित घाट पर 11 चिताएं एक साथ जलाई गईं। इस माहौल को जिसने भी देखा उसके आंसू छलक पड़े। चिताओं की आकाश छूती लपटें लापरवालों को सबक लेने के लिए चेता रही थी। एसएसपी अल्मोड़ा देवेंद्र पींचा ने रामनगर चिकित्सालय पहुंच वहां भर्ती घायलों का हाल जाना। साथ ही दुर्घटना के बारे में जानकारी ली। परिवहन आयुक्त की ओर से गठित टीम ने हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच तेज कर दी है।
कमानी टूटने से हुआ था हादसा
भैरंगखाल मरचूला स्टेट हाईवे पर कूपी सारुड़ क्षेत्र में ज्यूखड़ाचौड़ा बैंड पर सोमवार सुबह कमानी टूटने से गढ़वाल मोटर आनर्स यूनियन (जीएमओयू) की ओवरलोड बस अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई थी। भीषण हादसे ने 36 जिंदगी लील ली थी। की जान चली गई थी। मृतकों में अधिकतर पौड़ी गढ़वाल के नैनीडांडा ब्लॉक के शामिल रहे। गांव में दीपावली मनाने के बाद सभी अपने कार्यस्थल लौट रहे थे। लापरवाही, ओवरलोड आदि ने अधिकतर को शमशान पहुंचा दिया। हादसों में घायल 27 में सात की हालत गंभीर बनी हुई है।
दो घायलों को मिली छुट्टी
रामनगर अस्पताल में भर्ती पांच घायलों में दो के स्वास्थ्य में सुधार होने पर मंगलवार को छुट्टी दे दी गई। एक को उच्च चिकित्सा के लिए हल्द्वानी डॉ सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर किया गया है।





