चंपावत जिले के पाटी थाना क्षेत्र में साढ़े छह वर्ष पहले हुई हत्या के मामले में चारों अभियुक्त साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त हो गए। निर्णय में जिला जज अनुज कुमार संगल ने कहा कि अभियोजन पक्ष की दलील केवल मौखिक बयान पर हैं। एक डंडा बरामद दिखाया गया। उसमें खून के निशान नहीं थे। फिंगर प्रिंट भी नहीं लिए गए। कोर्ट ने कहा अभियुक्तों के विरुद्ध विचरित आरोप के समर्थन में ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है, जिसे मृत्यु की घटना से जोड़ा जा सके। मौखिक व दस्तावेजी साक्ष्य को नाकाफी बताया। वादी त्रिभुवन चम्याल ने अपने भाई रमेश चम्याल के गायब होने के मामले में प्राथमिकी दी थी। रमेश का शव देवीधुरा बाजार के पास कलमठ में मिला था। उसके सिर, माथे व पीठ पर गंभीर चोट थी। मामले में हत्या की धाराओं में प्राथमिकी हुई। साक्ष्य के अभाव में अभियुक्त जीवन सिंह, बसंत सिंह, भूपाल सिंह व लक्ष्मण राम दोषमुक्त हो गए। बचाव पक्ष की ओर से जीसी उप्रेती ने पैरवी की।





