जनता की एकजुटता से होगा भाजपा के फासिस्ट बुलडोजर का मुकाबला: इंद्रेश मैखुरी

धर्म/समाज/संस्था

गौलापार के बागजाला में आयोजित किसान सम्मेलन के दौरान भाकपा माले के राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि धामी सरकार एक ओर तीन साल पूरा होने का जश्न मना रही है दूसरी ओर बागजाला से लेकर देवाल तक गरीब जनता को उजाड़ने का कुचक्र रच रही है। वन भूमि पर सैकड़ों सालों से बसे लोगों को उजाड़ने की कोशिश को जमीन को पूंजीपति कारपोरेट को सौंपने का इरादा बताया है।

मैखरी ने कहा जनता एकजुट होकर सरकार के खिलाफ अपने संघर्ष को संचालित न कर सके इसके लिए जनता में धार्मिक आधार पर विभाजन पैदा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री मोदी ने देश की जनता से अच्छे दिन का वादा किया था, लेकिन लोगों की रोटी, रोजगार, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य के बजाय भाजपा का बुलडोजर गरीबों, दलितों, भूमिहीनों, अल्पसंख्यकों, आदिवासियों को उजाड़ने के लिए पहुंच गया। जनता की एकजुटता के जरिए ही इस फासिस्ट बुलडोजर का मुकाबला किया जा सकता है। किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष आनंद सिंह नेगी ने कहा कि बागजाला में सालों से बसे लोगों को उजाड़ने की हर कोशिश के खिलाफ किसान महासभा आर-पार का संघर्ष चलाने को प्रतिबद्ध है। इसके लिए अखिल भारतीय किसान महासभा अपना संगठन मजबूत करते हुए अपनी मांगों के लिए आंदोलन तेज करेगी।

उर्मिला बनीं बागजाला परिषद अध्यक्ष
किसान सम्मेलन से किसान महासभा की बागजाला की 31 सदस्यीय नई परिषद चुनी गई। कार्यकारिणी ने उर्मिला रैस्वाल को अध्यक्ष, विमला देवी उपाध्यक्ष, वेद प्रकाश सचिव, दीवान बर्गली उप सचिव, मीना भट्ट कोषाध्यक्ष, पंकज चौहान प्रचार सचिव, रईस अहमद संगठन सचिव को चुना गया अन्य कार्यकारिणी सदस्यों में हरक सिंह बिष्ट, भावना देवी, कुंवर सिंह रावत, हेमा देवी, भगवती भट्ट, चंदन सिंह मटियाली शामिल हैं।

ये प्रस्ताव हुए पारित
1. बागजाला समेत सभी वन भूमि पर बसे लोगों को मालिकाना अधिकार देने के लिए।
2. बागजाला में विकास कार्यों खासतौर पर जल जीवन मिशन योजना, सड़क की मरम्मत, गूल सिंचाई परेशानी और निर्माण कार्यों पर लगी रोक वापस लेने के लिए।
3. गरीबों पर बुलडोजर चलाने की नीतियों के खिलाफ।
4. किसानों और देश की जनता को धर्म, जाति के आधार पर बांटने के विरुद्ध।
5. केंद्र और राज्य सरकार सभी किसान विरोधी फैसले वापस लेने की मांग के लिए।
6. कृषि कार्य और पशुपालन को लाभकारी बनाने के लिए किसानों की पक्षधर नीतियां बनाने के लिए किसानों को एकजुट कर सरकार के खिलाफ संघर्ष को तेज करने के लिए लिए।
7. आवारा गोवंश से कृषि को होने वाले नुकसान और दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए नीति बनाने के लिए सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने के लिए।
8. व्यापक जन हित में स्मार्ट मीटर योजना वापस लेने की मांग पर संघर्ष तेज करने के लिए।

अप्रैल अंत में हल्द्वानी में हाेगी विशाल रैली
बाग़जाला के मालिकाने के अधिकार पर सरकार की उदासीनता के खिलाफ सम्मेलन में सर्वसम्मति से अप्रैल के अंत में हल्द्वानी में विशाल प्रदर्शन करने का फैसला लिया गया। किसान महासभा की जिला कमेटी की ओर से सम्मेलन के चुनाव पर्यवेक्षक विमला रौथाण और नैन सिंह कोरंगा मौजूद रहे। किसान सम्मेलन में मुख्य रूप से इंद्रेश मैखुरी, आनंद सिंह नेगी, डा कैलाश पाण्डेय, उर्मिला रैस्वाल, वेद प्रकाश, दीवान बर्गली, मीना भट्ट, पंकज चौहान, रईस अहमद, हरक सिंह बिष्ट, भावना देवी, कुंवर सिंह रावत, हेमा देवी, भगवती भट्ट, चन्दन सिंह मटियाली, हनीफ, सुरेंद्र नयाल, दीपिका देवी, सोनू देवी, ममता प्रजापति, लीला देवी, चंपा देवी, भगवती गोस्वामी, मुन्ना, गोपाल बिष्ट, कुंवर राम, यासीन, यशपाल आर्य, एच एस नयाल, पुष्पा भट्ट आदि समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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