कुमाऊं मंडल की सबसे बड़ी हल्द्वानी नगर निगम की मेयर सीट अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित होने से कई दावेदार उभर कर आने लगे थे। कुछ लोगों ने दूसरी पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन भी थाम लिया। कुछ नए चेहरे भी चुनावी मैदान में उतरने का समीकरण बिठाने लगे थे।
सोमवार को अंतिम अधिसूचना जारी होते ही हल्द्वानी नगर निगम की मेयर सीट अनारक्षित हो गई है। ऐसे में दो बार के मेयर डा. जोगेंद्र रौतेला की दावेदारी पर एक बार फिर से मोहर लगती दिख रही है। ऐसे में तात्कालिक रूप से उभर कर आए नए दावेदारों की तैयारी और योजना धरी रह गई है। वहीं, भाजपा आलाकमान को डा. जोगेंद्र रौतेला को नजरअंदाज और नाराज करना सही नहीं लगा। राजनीतिक गलियारों में चर्चा यह भी है कि डॉक्टर जोगेंद्र रौतेला मुख्यमंत्री और प्रदेश नेतृत्व को मनाने में एक बार फिर से सफल हुए हैं। कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत भी हल्द्वानी मेयर सीट अनारक्षित करने के लिए जोर लगा रहे थे।




