चंपावत पालिका महिला, टनकपुर ओबीसी आरक्षित होने से बिगड़ा गणित

राजनीति

शासन ने नगर निकाय चुनाव के लिए अध्यक्ष पदों पर आरक्षण की स्थिति स्पष्ट कर दी है। चंपावत नगरपालिका सीट महिला व टनकपुर को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित किया गया है। लोहाघाट को अनारक्षित रखा गया है। बनबसा नगर पंचायत सीट को अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित रखा है। अनंतिम अधिसूचना पर सात दिनों के भीतर शहरी विकास विभाग में आपत्ति दी जा सकती है। प्राप्त आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम आरक्षण सूची जारी होगी।

दावेदार पशोपेश में पहुंचे
निकाय चुनाव के आरक्षण ने चुनाव मैदान में उतरने का मन बनाए दावेदारों को पशोपेश में डाल दिया है। पिछली बार चंपावत जिले की तीनों नगरपालिका सीट अनारक्षित थी। बनबसा नगर पंचायत को महिला आरक्षित किया था। इस बार चंपावत नगरपालिका अध्यक्ष की सीट महिला आरक्षित होने से सबसे अधिक असमंजस की स्थिति है। ऐसी स्थिति में दावेदार महिला को मैदान में उतारेंगे। महिला आरक्षित होने से दावेदारों की सूची कुछ छोटी जरूर हो जाएगी।

ममता, पार्वती व कविता के नाम की चर्च
सीएम पुष्कर धामी के उप चुनाव के समय कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए निवर्तमान पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा की पत्नी ममता वर्मा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं प्रेमा पांडेय और पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष व वर्तमान में विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी की पत्नी कविता तिवारी के नामों की चर्चा प्रमुखता से हो रही है। टनकपुर पालिका ओबीसी आरक्षित होने से दावेदारों की सूची स्वत: छोटी हो गई है। निवर्तमान अध्यक्ष विपिन कुमार, रवि प्रजापति समेत तीन-चार नामों की चर्चा है।

लोहाघाट में दावेदारों की फौज
अनारक्षित होने से लोहाघाट में दावेदारों की सूची लंबी होने वाली है। निवर्तमान अध्यक्ष गोविंद वर्मा, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष बगौली व पिछले चुनाव में गोविंद वर्मा के सामने लड़े राजू गड़कोटी समेत सात-आठ नामों की चर्चा है।

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